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धर्मशाला अस्पताल में ईएनटी ओपीडी पर ताला

Fri, 29 Apr 2022 12:06 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2022 12:06 AM IST
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Lock on ENT OPD in Dharamshala Hospital, Tanda being sent every other patient
र्मशाला के क्षेत्रीय अस्पताल में डाक्टर न होने के चलते ईएनटी ओपीडी पर लटका ताला। संवाद - फोटो : Kangra
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में नाक, कान और गले के रोग के मरीजों को इन दिनों बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल ईएनटी विभाग के दो डॉक्टरों के सीनियर रेजिडेंटशिप (सीआरशिप) पर जाने के कारण यह समस्या पेश आ रही है। आलम यह है कि इन रोगों के मरीजों की जांच अस्पताल में सामान्य विभाग के चिकित्सकों की ओर से की जा रही है।
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स्थिति को जानने के लिए वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला का दौरा किया। पाया कि ईएनटी विभाग की ओपीडी पर ताला लगा है। वहीं आंख, नाक और कान के रोग के मरीजों को पर्ची बनाकर सामान्य रोगों के चिकित्सकों के पास भेजा जा रहा था। वहीं कुछ मरीजों को तो सामान्य दवाइयों की सलाह देकर भेजा जा रहा था। लेकिन, बहुत से ऐसे मरीज हैं, जिन्हें जांचने के बाद टांडा अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही थी। ऐसे में दूर इलाकों से आने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।
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समय और पैसों की हुई बर्बादी: अजय
नाक के रोग की जांच करवाने आए अजय कुमार ने बताया कि उन्हें नाक की एलर्जी की समस्या रहती है। इसलिए वह धर्मशाला अस्पताल में रोग की जांच करवाने आए थे। लेकिन, चिकित्सकों ने उनकी जांच करके उन्हें टांडा अस्पताल जाने को कह दिया। ऐसे में धर्मशाला अस्पताल में विशेषज्ञ न होने के चलते उनके पूरे दिन के साथ समय की बर्बादी हो गई।
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प्राइवेट अस्पताल में करवानी होगी जांच: नीरज
नीरज धीमान ने बताया कि वह रोग की जांच करवाने आए थे। लेकिन उन्हें अस्पताल में ईएनटी रोग विशेषज्ञ नहीं मिला। ऐेसे में अब या तो प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ेगा या फिर टांडा अस्पताल की ओर रुख करना पड़ेगा।
हर व्यक्ति की पहुंच में नहीं प्राइवेट अस्पताल: मस्तान
अस्पताल में आए मस्तान ने बताया कि संपन्न लोग प्राइवेट अस्पतालों में जाकर भी अपने रोगों का इलाज करवा सकते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके लिए टांडा अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल है।

कोट
ईएनटी के दो डॉक्टरों के एसआरशिप पर जाने से अस्पताल में अभी ईएनटी रोगियों की जांच सामान्य रोग विशेषज्ञों की ओर से की जा रही है। जिन मरीजों के रोग सामान्य हैं, उनका उपचार हो जा रहा है। वहीं कुछ मरीजों को टांडा में ईएनटी विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दी जा रही है। - डॉ. अजय दत्ता, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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