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Kangra News: बीमा कंपनी 45 दिन में ग्राहक को दे 64,136 रुपये
Wed, 16 Oct 2024 03:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 16 Oct 2024 03:26 AM IST
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धर्मशाला। वाहन का बीमा होने और दुर्घटना के बाद क्लेम राशि न देने पर अब एक कंपनी को ग्राहक को 64,136 रुपये देने होंगे। बीमा कंपनी को फैसले की प्रतिलिपि मिलने के 45 दिन के अंदर यह राशि वाहन मालिक को देनी होगी। निर्धारित दिनों के भीतर कंपनी की ओर से यह राशि नहीं दी गई तो इसके बाद छह प्रतिशत ब्याज के साथ राशि देनी होगी। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
फोरम के पास अंशुल शर्मा निवासी बारी कलां तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने अपने वाहन का बीमा एक कंपनी से करवाया था। इस दौरान उसने 3 नवंबर 2022 को उसके लिए अपेक्षित शुल्क भुगतान जमा भी करवा दिया था। साथ ही परिवहन विभाग से वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभाग की ओर से यह कहकर वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिया गया कि अभी आचार संहिता समाप्त होने तक उन्हें इंतजार करना होगा। इसी दौरान 15 नवंबर 2022 को उसका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उसे 94,944 रुपये का नुकसान हुआ। वाहन की मरम्मत के बाद शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से उसके वाहन को हुए नुकसान को लेकर बीमा राशि से भुगतान करने के लिए संपर्क किया, लेकिन बीमा कंपनी ने फिटनेस प्रमाण न होने का हवाला देते हुए वाहन के हुए नुकसान की भरपाई करने से इनकार कर दिया। फोरम के समक्ष पहुंची शिकायत में सभी तथ्यों को जांचने के बाद बीमा कंपनी को उपभोक्ता को राशि देने के आदेश दिए हैं।
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फोरम के पास अंशुल शर्मा निवासी बारी कलां तहसील खुंडियां जिला कांगड़ा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने अपने वाहन का बीमा एक कंपनी से करवाया था। इस दौरान उसने 3 नवंबर 2022 को उसके लिए अपेक्षित शुल्क भुगतान जमा भी करवा दिया था। साथ ही परिवहन विभाग से वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभाग की ओर से यह कहकर वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिया गया कि अभी आचार संहिता समाप्त होने तक उन्हें इंतजार करना होगा। इसी दौरान 15 नवंबर 2022 को उसका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उसे 94,944 रुपये का नुकसान हुआ। वाहन की मरम्मत के बाद शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से उसके वाहन को हुए नुकसान को लेकर बीमा राशि से भुगतान करने के लिए संपर्क किया, लेकिन बीमा कंपनी ने फिटनेस प्रमाण न होने का हवाला देते हुए वाहन के हुए नुकसान की भरपाई करने से इनकार कर दिया। फोरम के समक्ष पहुंची शिकायत में सभी तथ्यों को जांचने के बाद बीमा कंपनी को उपभोक्ता को राशि देने के आदेश दिए हैं।
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