{"_id":"675d790b11df350b040cf819","slug":"gram-rojgar-sevaks-demanded-the-status-of-government-employees-kangra-news-c-95-1-kng1004-158059-2024-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: ग्राम रोजगार सेवकों ने मांगा सरकारी कर्मचारी का दर्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: ग्राम रोजगार सेवकों ने मांगा सरकारी कर्मचारी का दर्जा
Sun, 15 Dec 2024 08:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 15 Dec 2024 08:48 AM IST
विज्ञापन
कांगड़ा के खोली में बैठक के बाद सामूहिक चित्र में ग्राम रोजगार सेवक संघ के पदाधिकारी और सदस्य।
धर्मशाला। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से ग्राम रोजगार सेवकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की है। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के साथ ही ग्राम रोजगार सेवकों को ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त चल रहे पदों पर समायोजित करने की भी मांग रखी है।
शनिवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक कांगड़ा के खोली में जिला प्रधान जसविंद्र अंगारिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें संघ के राज्य अध्यक्ष मनीष कुमार और महासचिव शशिकांत विशेष रूप से उपस्थित रहे। जसविंद्र अंगारिया ने कहा कि बैठक में दैनिक भोगी कर्मी, जो अपना नौ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, को रेगुलर वेतनमान का लाभ न मिलने के मुद्दे पर चर्चा की गई।
साथ ही जो ग्राम रोजगार सेवक फिक्स अमाउंट 6800 ले रहे हैं, उनके वेतन में भी वृद्धि किए जाने की मांग उठाई गई। करुणामूलक आधार पर नौकरी देने, मेडिकल सुविधा, ओपीएस और एनपीएस ग्रेच्युटी का लाभ न मिलने बारे चर्चा की गई। ग्राम रोजगार सेवकों को अपनी सेवा देते हुए 16 वर्ष से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन आज भी इस श्रेणी के कर्मियों को कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। बैठक में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान संघ की मांगों को सरकार और विभाग के समक्ष रखने की रणनीति बनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक कांगड़ा के खोली में जिला प्रधान जसविंद्र अंगारिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें संघ के राज्य अध्यक्ष मनीष कुमार और महासचिव शशिकांत विशेष रूप से उपस्थित रहे। जसविंद्र अंगारिया ने कहा कि बैठक में दैनिक भोगी कर्मी, जो अपना नौ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, को रेगुलर वेतनमान का लाभ न मिलने के मुद्दे पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
साथ ही जो ग्राम रोजगार सेवक फिक्स अमाउंट 6800 ले रहे हैं, उनके वेतन में भी वृद्धि किए जाने की मांग उठाई गई। करुणामूलक आधार पर नौकरी देने, मेडिकल सुविधा, ओपीएस और एनपीएस ग्रेच्युटी का लाभ न मिलने बारे चर्चा की गई। ग्राम रोजगार सेवकों को अपनी सेवा देते हुए 16 वर्ष से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन आज भी इस श्रेणी के कर्मियों को कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। बैठक में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान संघ की मांगों को सरकार और विभाग के समक्ष रखने की रणनीति बनाई गई।
विज्ञापन