पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि हिंदू धर्म के प्रमुख नेता कुछ दिनों से यह प्रचार कर रहे हैं कि हिंदू परिवार चार-चार बच्चे पैदा करे। इस पर शांता ने कहा कि यह बीमारी का इलाज का नहीं है, इसे और अधिक बढ़ाना है।
उन्होंने कहा है कि हिंदू नेताओं की चिंता जायज है। भारत में लगातार बढ़ती आबादी के कारण आबादी का संतुलन न बिगड़ गया है। कुछ समुदाय अधिक शादियां कर अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं। जनगणना के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं, लेकिन इस समस्या का इलाज हिंदुओं की ओर से अधिक बच्चे पैदा करना नहीं है। कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। कई योजनाओं से बेरोजगारी खत्म करने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह एक कठोर सत्य है कि विकास के सभी लाभ बढ़ती आबादी का राक्षस निगल रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी के सब प्रयासों के बाद भी देश में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ रही है। हर साल कई करोड़ लोग बढ़ जाते हैं। कहा कि भारत की गरीबी और बेरोजगारी दूर करने का एक ही तरीका है कि बढ़ती आबादी के विस्फोट को रोका जाए। सरकार एक कानून बनाए कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने पर रोक लगे और यह कानून देश के सभी संप्रदायों पर लागू हो। उन्होंने हिंदू नेताओं से यह आग्रह किया है कि वे इस दृष्टि से प्रधानमंत्री के साथ मिलें। यह समस्या उनके ध्यान में भी है। शांता ने विश्व हिंदू परिषद से भी विशेष आग्रह किया कि वे नेतृत्व करें और पूरे हिंदू समाज की ओर से भारत सरकार को कानून बनाने के लिए विवश करें।