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साथी ही बन गया प्लूटो का हत्यारा
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Sun, 30 Aug 2015 10:52 PM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर में प्लूटो के नाम से मशहूर अजय पठानिया का नाम अब सुनाई नहीं देगा। उसके साथी ने ही उसे मार डाला है। खुशमिजाज पठानिया की हत्या से पालमपुर में माहौल गमगीन है। उसकी हत्या से हर कोई हैरान है। प्रिंट मीडिया में कैरियर की शुरुआत करने वाले अजय पठानिया हर किसी के सुख-दुख में
काम आते थे। संभ्रात परिवार से संबंध रखने वाले अजय पठानिया के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका है। उनका भाई शिमला में रहता है। जबकि पत्नी बैजनाथ में रहती है, जो वहां पर अध्यापिका लगी हुई है। अजय पालमपुर में अकेले ही रहते थे।
प्लूटो अपने साथी के साथ कुल्लूू की मणिकर्ण घाटी में घूमने गया था। यहां शनिवार रात होटल में उसके साथी सुभाष निवासी आईमा पालमपुर के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर बहसबाजी हो गई। जिस पर उन दोनों को होटल से निकाल दिया गया था। बाद में साथी ने उसकी गाड़ी में हत्या कर दी और फरार हो गया। अजय पिछले करीब डेढ़ दशक से प्रिंट मीडिया से जुड़े हुए थे।
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उन्होंने कई हिंदी अखबारों में काम किया। बताया जा रहा कि पिछले कुछ साल से उसे शराब पीने की लत लग थी। लिहाजा, इस बात को लेकर उसके मीडिया साथियों ने भी उसे ऐसा न करने की कई बार सलाह भी दी। अजय पठानिया 41 साल के थे। पालमपुर यूनियन आफ जर्नलिस्ट के अध्यक्ष संजीव बाघला समेत सभी पत्रकारों ने पठानिया की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द हत्यारे को सलाखों के पीछे लाने की मांग की है।
अजय के घर बिजली का काम कर था हत्यारोपी
अजय पठानिया की हत्या करने का आरोपी सुभाष निवासी आईमा पठानिया के घर पर इन दिनों मकान में बिजली का काम कर रहा था। अजय उसे अपने साथ शिमला ले गया था। शिमला में काम हो जाने के बाद वह मणिकर्ण घूमने चले गए।
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काम आते थे। संभ्रात परिवार से संबंध रखने वाले अजय पठानिया के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका है। उनका भाई शिमला में रहता है। जबकि पत्नी बैजनाथ में रहती है, जो वहां पर अध्यापिका लगी हुई है। अजय पालमपुर में अकेले ही रहते थे।
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प्लूटो अपने साथी के साथ कुल्लूू की मणिकर्ण घाटी में घूमने गया था। यहां शनिवार रात होटल में उसके साथी सुभाष निवासी आईमा पालमपुर के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर बहसबाजी हो गई। जिस पर उन दोनों को होटल से निकाल दिया गया था। बाद में साथी ने उसकी गाड़ी में हत्या कर दी और फरार हो गया। अजय पिछले करीब डेढ़ दशक से प्रिंट मीडिया से जुड़े हुए थे।
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उन्होंने कई हिंदी अखबारों में काम किया। बताया जा रहा कि पिछले कुछ साल से उसे शराब पीने की लत लग थी। लिहाजा, इस बात को लेकर उसके मीडिया साथियों ने भी उसे ऐसा न करने की कई बार सलाह भी दी। अजय पठानिया 41 साल के थे। पालमपुर यूनियन आफ जर्नलिस्ट के अध्यक्ष संजीव बाघला समेत सभी पत्रकारों ने पठानिया की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द हत्यारे को सलाखों के पीछे लाने की मांग की है।
अजय के घर बिजली का काम कर था हत्यारोपी
अजय पठानिया की हत्या करने का आरोपी सुभाष निवासी आईमा पठानिया के घर पर इन दिनों मकान में बिजली का काम कर रहा था। अजय उसे अपने साथ शिमला ले गया था। शिमला में काम हो जाने के बाद वह मणिकर्ण घूमने चले गए।