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Kangra: गगल एयरपोर्ट के पास भूमि सौदे में बेनामी लेनदेन की आशंका पर एफआईआर

Wed, 19 Aug 2026 03:23 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Aug 2026 03:23 PM IST
सार

 कांगड़ा जिले में गगल एयरपोर्ट के समीपवर्ती क्षेत्रों में भूमि खरीद घोटाले में अब बेनामी लेनदेन की आशंका पर एसआईटी की जांच के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के धर्मशाला थाना में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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FIR registered over suspected *benami* transaction in land deal near airport.
एफआईआर। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में गगल एयरपोर्ट के समीपवर्ती क्षेत्रों में भूमि खरीद घोटाले में अब बेनामी लेनदेन की आशंका पर एसआईटी की जांच के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के धर्मशाला थाना में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें पांच नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति को बेनामी लेनदेन में आरोपी बनाया है। धर्मशाला क्षेत्र की महिला के नाम पर खरीदी जमीन का लेन-देन गगल के फर्म के बैंक खातों से होने और वापस राशि फर्म के पास पहुंचने के प्रारंभिक संकेत मिले हैं। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी समेत अन्य लागू प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार मामला विशेष रूप से धर्मशाला की महिला की ओर से बिक्री विलेख संख्या 981/2023 के माध्यम से खरीदी गई जमीन तक सीमित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि परिस्थितियां प्रथमदृष्टया संकेत देती हैं कि संपत्ति खरीदने के लिए वास्तविक भुगतान महिला ने नहीं किया, बल्कि रकम फर्म की ओर से दी गई।

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इसके बावजूद बिक्री विलेख में महिला को खरीदार दर्शाया गया। जमीन का नियंत्रण और कब्जा फर्म से जुड़े व्यक्तियों के पास रहने के प्रथम दृष्टया संकेत मिले हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए लेनदेन प्रारंभिक तौर पर बेनामी लेन-देन की परिधि में आता है। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अंतिम निर्धारण कानून के अनुसार जांच के बाद ही होगा। वहीं, रिपोर्ट में बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध  अधिनियम, 1988 की धारा 53 (1) और 53(2) के तहत भी मामले की जांच की आवश्यकता बताई गई है। विजिलेंस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर सक्षम अधिकारी से विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की है। जांच में जमीन की खरीद के लिए रकम के स्रोत और उसके प्रवाह, बैंक खातों में हुए लेन-देन, 19 नवंबर 2020 की सामान्य मुख्तारनामा (जीपीए), 24 अगस्त 2023 के बिक्री विलेख संख्या 981/2023, राजस्व एवं पंजीकरण रिकॉर्ड, जमीन के कब्जे और नियंत्रण समेत सभी पहलुओं को खंगाला जाएगा। जमीन खरीद में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और उस परिस्थिति की भी जांच होगी, जिसमें वास्तविक भुगतान किसी अन्य पक्ष की ओर से किए जाने के बावजूद महिला को जमीन का खरीदार दर्शाया गया।
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29 लाख रुपये दोबारा फर्म के पास पहुंचे
जांच में सामने आया है कि पटवार वृत्त मटौर के अंतर्गत क्षेत्र में 4 कनाल 4 मरले (0-16-19) हेक्टेयर जमीन की खरीद के लिए करीब दो करोड़ रुपये वर्ष 2020-21 के दौरान फर्म ने बैंक लेन-देन और नकद के माध्यम से मूल जमीन मालिकों को अदा की। इसके बावजूद 24 अगस्त 2023 को बिक्री विलेख संख्या 981 के जरिये धर्मशाला की महिला को जमीन की खरीदार के तौर पर दर्शाया। जांच में 29 लाख रुपये के लेनदेन की कथित गोलाकार बैंकिंग भी सामने आई है। फर्म के खाते से महिला के खाते में 29 लाख रुपये पहुंचे और यही रकम चेक के जरिये जमीन विक्रेता पक्ष से जुड़े व्यक्ति को दी दी और बाद में यही राशि वापस फर्म के खातों में पहुंच गई।
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