{"_id":"6a8dfcf0c561967a2e0b2379","slug":"earned-70000-from-the-she-haat-during-shravan-ashtami-kangra-news-c-95-1-kng1005-252060-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: श्रावण अष्टमी में शी हाट से कमाए 70 हजार रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: श्रावण अष्टमी में शी हाट से कमाए 70 हजार रुपये
Wed, 26 Aug 2026 02:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। शक्तिपीठ श्री चामुंडा देवी में संचालित शी हाट ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिकी को मजबूत करने का बेहतरीन जरिया बनकर उभरा है। हाल ही में संपन्न हुए नौ दिवसीय श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान पद्दर क्षेत्र की चार महिलाओं ने शी हाट से 70,000 रुपये की कमाई की है।
जिला ग्रामीण विकास विभाग ने इस शी हाट के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी है। यहां स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ पारंपरिक पहाड़ी खान-पान, विशेष रूप से कांगड़ी धाम को प्रमोट किया जा रहा है।
शी हाट का संचालन मीरा, रमा गोस्वामी, मलका देवी और मोनिका चौधरी मिलकर कर रही हैं। वे श्रद्धालुओं को स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ घर पर बने पारंपरिक खाद्य उत्पाद बेच रही हैं। समूह की सदस्य मोनिका चौधरी ने बताया कि शी हाट से उनके उत्पादों को सीधा बाजार मिल रहा है और पर्यटकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
चार महीने में 1.10 लाख रुपये हुई कमाई
विभाग की ओर से चामुंडा में तैयार किए गए शी हाट में ठहरने के लिए छह कमरे और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। अप्रैल महीने में पद्दर की महिलाओं को इसका जिम्मा सौंपा गया था। महिलाओं ने चार महीनों में कुल 1,10,000 रुपये की आय अर्जित की है। इसमें से 40,000 रुपये सामान्य तीन महीनों की कमाई है।
-- -- -- -- -- -- -- 2,500 रुपये में मिल रहा कमरा
विभाग की ओर से तैयार शी हाट का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को उचित और सस्ते दामों पर बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। शी हाट में रुकने के लिए प्रति कमरा 2,500 रुपये की दर तय की गई है।
विज्ञापन
जिला ग्रामीण विकास विभाग ने इस शी हाट के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी है। यहां स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ पारंपरिक पहाड़ी खान-पान, विशेष रूप से कांगड़ी धाम को प्रमोट किया जा रहा है।
विज्ञापन
शी हाट का संचालन मीरा, रमा गोस्वामी, मलका देवी और मोनिका चौधरी मिलकर कर रही हैं। वे श्रद्धालुओं को स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ घर पर बने पारंपरिक खाद्य उत्पाद बेच रही हैं। समूह की सदस्य मोनिका चौधरी ने बताया कि शी हाट से उनके उत्पादों को सीधा बाजार मिल रहा है और पर्यटकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है।
विज्ञापन
चार महीने में 1.10 लाख रुपये हुई कमाई
विभाग की ओर से चामुंडा में तैयार किए गए शी हाट में ठहरने के लिए छह कमरे और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। अप्रैल महीने में पद्दर की महिलाओं को इसका जिम्मा सौंपा गया था। महिलाओं ने चार महीनों में कुल 1,10,000 रुपये की आय अर्जित की है। इसमें से 40,000 रुपये सामान्य तीन महीनों की कमाई है।
विभाग की ओर से तैयार शी हाट का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को उचित और सस्ते दामों पर बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। शी हाट में रुकने के लिए प्रति कमरा 2,500 रुपये की दर तय की गई है।