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जलशक्ति विभाग की सूख रही पयेजल योजनाओं को बारिश मिली संजीवनी
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धर्मशाला। जिले में दो दिन से हो रही बारिश से जल शक्ति विभाग ने राहत की सांस ली है। विभाग की सूखने के कगार पर पहुंची पेयजल परियोजनाओं को बारिश से संजीवनी मिल गई है। पेयजल परियोजनाओं के जलस्तर में लगातार आ रही गिरावट अब सामान्य होने लगी है।
वहीं, कई क्षेत्रों में आ रही पानी किल्लत भी कम होने ही उम्मीद बढ़ गई है। पिछले तीन सप्ताह से जिला कांगड़ा के धर्मशाला और नूरपुर वृत्त में 52 पेयजल परियोजनाओं का जलस्तर कम होने शुरू हो गया था। इसके चलते इन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गहराने लगी थी। धर्मशाला वृत्त के बैजनाथ और पालमपुर और नूरपुर वृत्त के इंदौरा और जवाली क्षेत्र में 26 पेयजल परियोजनाओं का जलस्तर आधा रह गया था। इसके अलावा जिले में 26 परियोजनाओं का जलस्तर 0 से 25 फीसदी कम हो गया था। बारिश होने के साथ विभाग ने इन परियोजनाओं को रिचार्ज करने के लिए भी कदम उठाना शुरू कर दिया है और विभाग के कर्मचारियों को पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए कदम उठाने की निर्देश जारी किए हैं। जल शक्ति विभाग शनिवार को पेयजल योजनाओं के जलस्तर का आकलन कर परियोजनाओं में पानी की स्थिति का आंकड़ा तैयार करेगा।
बारिश से पेयजल परियोजनाओं में बढ़ा जलस्तर : रोहित दुबे
धर्मशाला वृत्त के अधीक्षण अभियंता रोहित दुबे ने बताया कि जिले में दो दिन से हो रही बारिश से पेयजल परियोजनाओं में जलस्तर बढ़ने लगा है। बैजनाथ और पालमपुर क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं का जिनका जलस्तर 25 से 50 फीसदी तक पहुंच गया था। अब उनका जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं विभाग की ओर से शनिवार को फिर से पेयजल परियोजनाओं के जलस्तर को आकलन किया जाएगा।
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अब नहीं आएगी पानी की समस्या : राजीव
नूरपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने बताया कि बारिश के चलते पेयजल योजनाओं को संजीवनी मिली है। वहीं, विभाग ने भी राहत की सांस ली है। जलस्तर कम होने वाली पेयजल परियोजनाएं बारिश के चलते फिर से रिचार्ज होने लगी हैं। वहीं, विभाग की ओर से कारगर कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को गर्मियों के मौसम पेयजल की किल्लत न हो।
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वहीं, कई क्षेत्रों में आ रही पानी किल्लत भी कम होने ही उम्मीद बढ़ गई है। पिछले तीन सप्ताह से जिला कांगड़ा के धर्मशाला और नूरपुर वृत्त में 52 पेयजल परियोजनाओं का जलस्तर कम होने शुरू हो गया था। इसके चलते इन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गहराने लगी थी। धर्मशाला वृत्त के बैजनाथ और पालमपुर और नूरपुर वृत्त के इंदौरा और जवाली क्षेत्र में 26 पेयजल परियोजनाओं का जलस्तर आधा रह गया था। इसके अलावा जिले में 26 परियोजनाओं का जलस्तर 0 से 25 फीसदी कम हो गया था। बारिश होने के साथ विभाग ने इन परियोजनाओं को रिचार्ज करने के लिए भी कदम उठाना शुरू कर दिया है और विभाग के कर्मचारियों को पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए कदम उठाने की निर्देश जारी किए हैं। जल शक्ति विभाग शनिवार को पेयजल योजनाओं के जलस्तर का आकलन कर परियोजनाओं में पानी की स्थिति का आंकड़ा तैयार करेगा।
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बारिश से पेयजल परियोजनाओं में बढ़ा जलस्तर : रोहित दुबे
धर्मशाला वृत्त के अधीक्षण अभियंता रोहित दुबे ने बताया कि जिले में दो दिन से हो रही बारिश से पेयजल परियोजनाओं में जलस्तर बढ़ने लगा है। बैजनाथ और पालमपुर क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं का जिनका जलस्तर 25 से 50 फीसदी तक पहुंच गया था। अब उनका जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं विभाग की ओर से शनिवार को फिर से पेयजल परियोजनाओं के जलस्तर को आकलन किया जाएगा।
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अब नहीं आएगी पानी की समस्या : राजीव
नूरपुर वृत्त के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने बताया कि बारिश के चलते पेयजल योजनाओं को संजीवनी मिली है। वहीं, विभाग ने भी राहत की सांस ली है। जलस्तर कम होने वाली पेयजल परियोजनाएं बारिश के चलते फिर से रिचार्ज होने लगी हैं। वहीं, विभाग की ओर से कारगर कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को गर्मियों के मौसम पेयजल की किल्लत न हो।