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Kangra News: भाजपा के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
Sun, 23 Aug 2026 08:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 23 Aug 2026 08:37 AM IST
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धर्मशाला में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस के कार्यकर्ता। -अमर उजाला
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा कथित तौर पर नारेबाजी किए जाने के विरोध में शनिवार को कांगड़ा जिला कांग्रेस ने उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रगान के कथित अपमान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी, ब्लॉक अध्यक्ष हरभजन सिंह और पुनीत मल्ली सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रगान जन गण मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् देश की आन, बान और शान के प्रतीक हैं।
आजादी के बाद से ही इनके सम्मान की परंपरा चली आ रही है और सदन के भीतर राष्ट्रगान के समय नारेबाजी करना संविधान व सदन की गरिमा के खिलाफ है। पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने कहा कि विधानसभा में सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और अंतिम दिन कार्यवाही का समापन राष्ट्रगीत से करने की स्थापित परंपरा है, जो संसद में भी निभाई जाती है। यदि किसी सदस्य को कोई आपत्ति थी, तो उसे तय संसदीय प्रक्रिया के तहत उठाया जा सकता था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी और जनहित के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे भावनात्मक विवाद खड़े कर रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा से कोई समझौता नहीं हो सकता।
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प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी, ब्लॉक अध्यक्ष हरभजन सिंह और पुनीत मल्ली सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रगान जन गण मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् देश की आन, बान और शान के प्रतीक हैं।
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आजादी के बाद से ही इनके सम्मान की परंपरा चली आ रही है और सदन के भीतर राष्ट्रगान के समय नारेबाजी करना संविधान व सदन की गरिमा के खिलाफ है। पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने कहा कि विधानसभा में सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और अंतिम दिन कार्यवाही का समापन राष्ट्रगीत से करने की स्थापित परंपरा है, जो संसद में भी निभाई जाती है। यदि किसी सदस्य को कोई आपत्ति थी, तो उसे तय संसदीय प्रक्रिया के तहत उठाया जा सकता था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी और जनहित के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे भावनात्मक विवाद खड़े कर रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा से कोई समझौता नहीं हो सकता।