{"_id":"687e61b473c8529c9808eaed","slug":"classification-should-be-implemented-in-scheduled-castes-valmiki-sabha-submitted-a-memorandum-kangra-news-c-95-1-ssml1019-187048-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: अनुसूचित जातियों में वर्गीकरण हो लागू, वाल्मीकि सभा ने सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: अनुसूचित जातियों में वर्गीकरण हो लागू, वाल्मीकि सभा ने सौंपा ज्ञापन
Tue, 22 Jul 2025 09:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 22 Jul 2025 09:19 AM IST
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। वाल्मीकि सभा चौकी (खलेट) पालमपुर ने अनुसूचित जातियों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित वर्गीकरण व्यवस्था को प्रदेश में शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को एसडीएम पालमपुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। सभा ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के 2023 के ऐतिहासिक निर्णय के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक इस व्यवस्था को लागू नहीं किया है।
सभा के प्रधान राजेश कुमार और महासचिव सहित पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अनुसूचित जातियों के भीतर सबसे पिछड़े और वंचित वर्गों को आरक्षण का प्राथमिक लाभ मिलना चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित हो सकें। लेकिन राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण वंचित वर्गों को अब तक इसका वास्तविक लाभ नहीं मिला है।
सभा ने मांग की कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू करे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बिना देरी लागू करे। साथ ही राज्यपाल से इस विषय में हस्तक्षेप कर सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। सभा ने चेताया कि यदि सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो समाज में असंतोष और असमानता की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सभा के प्रधान राजेश कुमार और महासचिव सहित पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अनुसूचित जातियों के भीतर सबसे पिछड़े और वंचित वर्गों को आरक्षण का प्राथमिक लाभ मिलना चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित हो सकें। लेकिन राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण वंचित वर्गों को अब तक इसका वास्तविक लाभ नहीं मिला है।
विज्ञापन
सभा ने मांग की कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू करे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बिना देरी लागू करे। साथ ही राज्यपाल से इस विषय में हस्तक्षेप कर सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। सभा ने चेताया कि यदि सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो समाज में असंतोष और असमानता की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
विज्ञापन