{"_id":"61571a048ebc3ed3bd7d57e3","slug":"classes-in-the-fields-of-nauni-university-students-kangra-news-sml3857907194","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों ने जाने खुंब, फल व सब्जी उत्पादन के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों ने जाने खुंब, फल व सब्जी उत्पादन के गुर
विज्ञापन
अनूही में फल व सब्जी उत्पादन के गुर सीखते डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्याल?
- फोटो : Kangra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नूरपुर (कांगड़ा)। नौणी यूनिवर्सिटी (सोलन) के विद्यार्थी क्लासरूम से निकलकर खेत में क्लास लगाने पहुंचे। जी हां, हॉर्टिकल्चर कॉलेज के स्नातक अंतिम वर्ष के 24 छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को धौलाधार मशरूम प्लांट अनूही, तहसील जवाली का दौरा किया। मशरूम यूनिट के संचालक डॉ. सुनील कुमार ने उन्हें खुंब उत्पादन के विभिन्न पहलुओं जैसे स्पान उत्पादन, केसिंग, तापमान प्रबंधन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कंपोस्ट बनाने की विधि तथा इसमें प्रयोग होने वाली सामग्री व विभिन्न प्रकार की सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्रों ने मशरूम उत्पादन में गहरी रुचि दिखाई। इससे पहले छात्रों को नूरपुर खंड के गांव बंड करड़ियां के प्रगतिशील किसान गणेश पराशर के बगीचे में आम की सघन खेती तथा चौसा आम के पुराने पौधों के पुनरुद्धार के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त किसानों द्वारा टमाटर, लाल मिर्च व दूसरी सब्जियों के उत्पादन, उन्हें लगने वाली बीमारियों व कीटों के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। इस मौके पर गांव के उन्नत किसान सुदर्शन शर्मा, नेक चंद, उत्तम चंद आदि मौजूद थे।
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ के सह निदेशक डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि स्नातक अंतिम वर्ष के 51 विद्यार्थी दो समूहों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। दोनों समूह अपने इसी कार्यक्रम के दौरान एक एक सप्ताह के लिए जाच्छ स्थित केंद्र पर रुकेंगे तथा किसानों से सीधे मिलकर उनके अनुभवों व बागवानी उत्पादन में उन्हें आ रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं को साझा करेंगे। छात्रों को केंद्र पर चल रही अनुसंधान गतिविधियों, नर्सरी उत्पादन, सब्जी उत्पादन आदि के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा। इस भ्रमण में केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डॉ. राजेश कलेर, डॉ. धर्मिंद्र व डॉ. रेणु कपूर भी मौजूद रहे ।
विज्ञापन
विज्ञापन
कंपोस्ट बनाने की विधि तथा इसमें प्रयोग होने वाली सामग्री व विभिन्न प्रकार की सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्रों ने मशरूम उत्पादन में गहरी रुचि दिखाई। इससे पहले छात्रों को नूरपुर खंड के गांव बंड करड़ियां के प्रगतिशील किसान गणेश पराशर के बगीचे में आम की सघन खेती तथा चौसा आम के पुराने पौधों के पुनरुद्धार के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त किसानों द्वारा टमाटर, लाल मिर्च व दूसरी सब्जियों के उत्पादन, उन्हें लगने वाली बीमारियों व कीटों के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। इस मौके पर गांव के उन्नत किसान सुदर्शन शर्मा, नेक चंद, उत्तम चंद आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ के सह निदेशक डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि स्नातक अंतिम वर्ष के 51 विद्यार्थी दो समूहों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। दोनों समूह अपने इसी कार्यक्रम के दौरान एक एक सप्ताह के लिए जाच्छ स्थित केंद्र पर रुकेंगे तथा किसानों से सीधे मिलकर उनके अनुभवों व बागवानी उत्पादन में उन्हें आ रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं को साझा करेंगे। छात्रों को केंद्र पर चल रही अनुसंधान गतिविधियों, नर्सरी उत्पादन, सब्जी उत्पादन आदि के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा। इस भ्रमण में केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डॉ. राजेश कलेर, डॉ. धर्मिंद्र व डॉ. रेणु कपूर भी मौजूद रहे ।
विज्ञापन