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जनगणना प्रारूप में ओबीसी की जाति आधारित जानकारी स्पष्ट नहीं : कोहली
Wed, 19 Aug 2026 01:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:40 AM IST
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धर्मशाला। जनगणना 2027 के लिए भारत सरकार की ओर से जारी किए गए प्रारूप में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जाति आधारित जानकारी को स्पष्ट रूप से शामिल न किए जाने पर हिमाचल अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंडल ने कड़ा एतराज जताया है। मंडल के प्रदेशाध्यक्ष कर्नल स्वरूप कोहली ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और संवैधानिक भावना के विपरीत करार दिया।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की 14 अगस्त की राजपत्र अधिसूचना में निर्धारित प्रपत्र के कॉलम संख्या 10 में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और जाति संबंधी जानकारी का प्रावधान तो रखा गया है, लेकिन ओबीसी को इसमें स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया।
जाति आधारित गणना केवल जनसंख्या के आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और वैज्ञानिक नीति निर्माण का मुख्य आधार है। यदि ओबीसी की जाति आधारित गणना नहीं करवाई जाती है, तो देश में इस बड़े वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का कोई प्रमाणिक और आधिकारिक डाटा उपलब्ध नहीं हो पाएगा। इसका असर भविष्य में बनने वाली शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, सामाजिक कल्याण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी नीतियों पर पड़ेगा।
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उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि कॉलम 10 में तत्काल संशोधन किया जाए। इसमें पिछड़े वर्ग की जाति आधारित जानकारी को स्पष्ट रूप से जोड़ते हुए ओबीसी की पूर्ण जातिगत गणना सुनिश्चित की जाए। ब्यूरो
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार की 14 अगस्त की राजपत्र अधिसूचना में निर्धारित प्रपत्र के कॉलम संख्या 10 में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और जाति संबंधी जानकारी का प्रावधान तो रखा गया है, लेकिन ओबीसी को इसमें स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया।
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जाति आधारित गणना केवल जनसंख्या के आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर और वैज्ञानिक नीति निर्माण का मुख्य आधार है। यदि ओबीसी की जाति आधारित गणना नहीं करवाई जाती है, तो देश में इस बड़े वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का कोई प्रमाणिक और आधिकारिक डाटा उपलब्ध नहीं हो पाएगा। इसका असर भविष्य में बनने वाली शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, सामाजिक कल्याण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी नीतियों पर पड़ेगा।
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उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि कॉलम 10 में तत्काल संशोधन किया जाए। इसमें पिछड़े वर्ग की जाति आधारित जानकारी को स्पष्ट रूप से जोड़ते हुए ओबीसी की पूर्ण जातिगत गणना सुनिश्चित की जाए। ब्यूरो