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Kangra News: नूरपुर क्षेत्र में अवैध खनन पर काटे 12 चालान
Fri, 26 Sep 2025 03:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 26 Sep 2025 03:52 AM IST
सार
नूरपुर (कांगड़ा) में बरसात के बाद अवैध खनन गतिविधियां तेज हो गई हैं। खनन विभाग ने छापेमारी कर कई चालान किए, लेकिन माफिया पंजाब भाग जाते हैं। इससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है।
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विस्तार
नूरपुर (कांगड़ा)। बरसात के मौसम में खनन पर से प्रतिबंध हटते ही नूरपुर क्षेत्र में खनन गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच अवैध खनन को लेकर खनन विभाग टीम ने चक्की खड्ड सहित अन्य स्थानों पर छापे मारकर ट्रैक्टर, टिपर और जेसीबी मशीन के करीब 12 चालान किए।
विभागीय जानकारी के मुताबिक पंजाब की तरफ से हिमाचल की जमीन में अवैध खनन हो रहा है, जिससे विभाग और सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है। विभाग जब भी खनन माफिया पर कार्रवाई करने जाता है तो आरोपियों को पहले ही भनक लग जाती है और वे पंजाब राज्य की ओर भाग जाते हैं।
खनन अधिकारी नूरपुर सुरेश कुमार ने बताया कि इस बार भारी बरसात के कारण कई जगहों पर स्टोन क्रशरों की माइनिंग लीज आदि को नुकसान हुआ है। संबंधित क्रशरों के माइनिंग लीज धारकों को अपनी-अपनी क्रशर माइनिंग लीज की पटवारी से पैमाइश करवाकर बाउंड्री निर्धारित करने के लिए पिलर लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे यह पता चल सके कि माइनिंग लीज वाले क्षेत्र से हो रही है अथवा कहीं अन्य स्थान पर। वहीं, मंड क्षेत्र में पौंग बांध से ज्यादा मात्रा में छोड़े गए पानी के कारण ज्यादातर स्टोन क्रशर बंद बंद पड़े हैं।
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विभागीय जानकारी के मुताबिक पंजाब की तरफ से हिमाचल की जमीन में अवैध खनन हो रहा है, जिससे विभाग और सरकार को राजस्व की भारी हानि हो रही है। विभाग जब भी खनन माफिया पर कार्रवाई करने जाता है तो आरोपियों को पहले ही भनक लग जाती है और वे पंजाब राज्य की ओर भाग जाते हैं।
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खनन अधिकारी नूरपुर सुरेश कुमार ने बताया कि इस बार भारी बरसात के कारण कई जगहों पर स्टोन क्रशरों की माइनिंग लीज आदि को नुकसान हुआ है। संबंधित क्रशरों के माइनिंग लीज धारकों को अपनी-अपनी क्रशर माइनिंग लीज की पटवारी से पैमाइश करवाकर बाउंड्री निर्धारित करने के लिए पिलर लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे यह पता चल सके कि माइनिंग लीज वाले क्षेत्र से हो रही है अथवा कहीं अन्य स्थान पर। वहीं, मंड क्षेत्र में पौंग बांध से ज्यादा मात्रा में छोड़े गए पानी के कारण ज्यादातर स्टोन क्रशर बंद बंद पड़े हैं।
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