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महिला शक्ति की आवाज दबनी नहीं चाहिए : पकंज

Mon, 26 Aug 2019 11:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2019 11:36 PM IST
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अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद मुख्यतिथि अध्यापक व विद्यार्थी। - फोटो : Kangra
पालमपुर (कांगड़ा)। एसडीएम पालमपुर पंकज शर्मा ने कहा कि हमारे प्रयासों से समाज विकसित हो सकता है, लेकिन महिलाओं को अपने हकों के लिए आगे आना होगा। तभी समाज विकसित हो सकता है। वह शहीद कैप्टन विक्रम बतरा कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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एसडीएम ने कहा कि जिस घर में नारी का सम्मान हो, उस घर में भगवान का वास होता है। कभी नारी को नारायणी और देवी कहा जाता था, लेकिन आज बदल रहे इस माहौल में यह शब्द गौण क्यों होने लगे? क्यों महिलाओं पर अत्याचार बढ़ने लगे? मुगलों के राज में बहुत जुल्म सहे हैं। अब इसे बदलना होगा। समाज की इस पचास प्रतिशत आबादी को दबाएंगे, तो हम आगे कैसे बढ़ सकते हैं। आज मनरेगा से लेकर बड़े कामों तक महिलाएं घर की आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। आज महिला को अपनी क्षमता व योग्यता को दिखाने की जरूरत है। लिहाजा, अब अपराजिता किसी के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगी और हर महिला अपने में अपराजिता है। इस ध्येय को लेकर महिलाओं को अपने अधिकारों के लेकर आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में कॉलेज की निवेदिता परमार और नीना शर्मा ने भी विचार रखे। छात्रा कोमल और ऋतिका डोगरा ने अन्य छात्राओं को महिला हेल्पलाइन की जानकारी दी। मौके पर आशु फुल्ल और बालकृष्ण कपूर आदि भी मौजूद रहे।
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समाज को बदलना होगा नजरिया : डॉ. सरोच
प्राचार्य डॉ. सुजीत सरोच ने कहा कि 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में साक्षरता में पुरुष, महिलाओं से आगे हैं। पुरुष 81 और 65 प्रतिशत महिलाएं साक्षर हैं, जबकि लिंग अनुपात भी पुरुषों से कम है। इसका कारण भी समाज में महिलाओं से हो रहा भेदभाव है। महिलाओं के प्रति समाज को अच्छा नजरिया और रखना होगा, तभी एक सुरक्षित और मजबूत समाज होगा।
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राका ने कविता पेश कर लूटी वाहवाही
मंच संचालन कर रहीं राका सिंह ने कविता से महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। उन्होंने कहा- तू खुद की खोज में निकल, तू किसलिए हताश है, तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है। तुझसे लिपटी बेड़ियां, समझ न तू उनका वस्त्र, तू बेड़ियां पिघलाकर बना ले इनके शस्त्र, चुनरी की ध्वजा बना गगन भी कंपकंपाएगा, अगर तेरी गिरी चुनरी तो भूकंप आएगा।
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