{"_id":"19-64833","slug":"Kangra-64833-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब देहरा में ही मिलेगा गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब देहरा में ही मिलेगा गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट
Kangra
Updated Mon, 06 Oct 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार ने उपमंडल ज्वालामुखी, देहरा, रक्कड़ और जसवां परागपुर सब तहसीलों के कामर्शियल वाहन मालिकों को राहत पहुंचाने के लिए देहरा स्थित एचआरटीसी वर्कशॉप को 5 वर्ष के लिए वाहनों के फाइनल फिटनेस प्रमाण पत्र देने के लिए पंजीकृत कर दिया है। यहां से बस, ट्रक, टैंपो, रिक्शा, ट्रैक्टर, टैक्सी को फाइनल फिटनेस प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अब कामर्शियल वाहन मालिकों को हर दिन उसी समय पासिंग सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
खास बात यह है कि पासिंग फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा एचआरटीसी के खजाने में ही जाएगा। जानकारी के मुताबिक सालाना होने वाली कामर्शियल वाहनों की पासिंग पहले महीने में दो बार तहसील स्तर पर मोटर व्हीकल निरीक्षक द्वारा की जाती थी। इससे वाहन मालिकों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब नये फैसले से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। एचआरटीसी की अत्याधुनिक मशीनाें और विशेषज्ञों की देखरेख में पासिंग की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि एचआरटीसी को घाटे से उभारने और पूरे प्रदेश में एमवीआई अफसरों की कमी के चलते यह फैसला लिया गया है। पासिंग करवाने के लिए वाहन मालिक को कामर्शियल वाहन का रूट परमिट, इश्योरेंस, टोकन टैक्स, गुड्स टैक्स और प्रदूषण सर्टिफिकेट वैद्य होना अनिवार्य है।
क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी राजेंद्र सिंह पठानिया का कहना है कि वर्कशाप को वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए लाइसेंस मिल गया है। कंप्यूटर साफ्टवेयर भी उपलब्ध हो चुका है। इस कार्य के लिए कार्य प्रबंधक राजन जम्वाल को अधिकृत किया गया है। पासिंग का 60 प्रतिशत हिस्सा एचआरटीसी के खाते में जमा होगा। कारपोरेट सेक्टर हिमाचल कर्मचारी परिसंघ के प्रदेशाध्यक्ष गणेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह फैसला सराहनीय है। इससे एचआरटीसी की आय बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
खास बात यह है कि पासिंग फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा एचआरटीसी के खजाने में ही जाएगा। जानकारी के मुताबिक सालाना होने वाली कामर्शियल वाहनों की पासिंग पहले महीने में दो बार तहसील स्तर पर मोटर व्हीकल निरीक्षक द्वारा की जाती थी। इससे वाहन मालिकों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब नये फैसले से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। एचआरटीसी की अत्याधुनिक मशीनाें और विशेषज्ञों की देखरेख में पासिंग की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि एचआरटीसी को घाटे से उभारने और पूरे प्रदेश में एमवीआई अफसरों की कमी के चलते यह फैसला लिया गया है। पासिंग करवाने के लिए वाहन मालिक को कामर्शियल वाहन का रूट परमिट, इश्योरेंस, टोकन टैक्स, गुड्स टैक्स और प्रदूषण सर्टिफिकेट वैद्य होना अनिवार्य है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी राजेंद्र सिंह पठानिया का कहना है कि वर्कशाप को वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए लाइसेंस मिल गया है। कंप्यूटर साफ्टवेयर भी उपलब्ध हो चुका है। इस कार्य के लिए कार्य प्रबंधक राजन जम्वाल को अधिकृत किया गया है। पासिंग का 60 प्रतिशत हिस्सा एचआरटीसी के खाते में जमा होगा। कारपोरेट सेक्टर हिमाचल कर्मचारी परिसंघ के प्रदेशाध्यक्ष गणेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह फैसला सराहनीय है। इससे एचआरटीसी की आय बढ़ेगी।
विज्ञापन