{"_id":"19-61541","slug":"Kangra-61541-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर किया प्राचार्य का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर किया प्राचार्य का घेराव
Kangra
Updated Thu, 03 Jul 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाली (कांगड़ा)। वजीर राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देहरी में एसएफआई इकाई और सीएससीए कमेटी ने कैंपस प्रधान गोगी चौधरी और सीएससीए कमेटी अध्यक्ष अजविंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रधानाचार्य का घेराव किया और कॉलेज की प्रमुख समस्याओं से अवगत करवाया। गोगी चौधरी और अजविंद्र सिंह ने कहा कि महाविद्यालय देहरी में रूसा के अंतर्गत कम से कम 6 प्राध्यापक होने चाहिए, जबकि केमिस्ट्री के 3 ही प्राध्यापक हैं।
स्टाफ की कमी के कारण महाविद्यालय को पीटीए फंड पर प्राध्यापक रखने पड़ रहे हैं, जिसकी एवज में प्रति छात्र से 500 रुपये फंड के रूप में वसूल किया जा रहा है। इससे देहरी महाविद्यालय में गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले शिक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने के बारे में कई बार ज्ञापन सौंप कर अवगत करवाया गया, मगर अभी तक रिक्त पदों को भरा नहीं गया है। महाविद्यालय में हर विषय की 60-60 सीटें रखी गई हैं, जबकि आवेदनों की संख्या प्रति विषय करीब 300 है। इस कारण 240 छात्रों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उनको एडमिशन नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार अतिशीघ्र महाविद्यालय में रिक्त चल रहे प्राध्यापकों के पदों को भरे, ताकि छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वीरवार को प्रिंसिपल को मांगों को पूरा करवाने के बारे में ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
स्टाफ की कमी के कारण महाविद्यालय को पीटीए फंड पर प्राध्यापक रखने पड़ रहे हैं, जिसकी एवज में प्रति छात्र से 500 रुपये फंड के रूप में वसूल किया जा रहा है। इससे देहरी महाविद्यालय में गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले शिक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने के बारे में कई बार ज्ञापन सौंप कर अवगत करवाया गया, मगर अभी तक रिक्त पदों को भरा नहीं गया है। महाविद्यालय में हर विषय की 60-60 सीटें रखी गई हैं, जबकि आवेदनों की संख्या प्रति विषय करीब 300 है। इस कारण 240 छात्रों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उनको एडमिशन नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार अतिशीघ्र महाविद्यालय में रिक्त चल रहे प्राध्यापकों के पदों को भरे, ताकि छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वीरवार को प्रिंसिपल को मांगों को पूरा करवाने के बारे में ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन