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Kangra News: राजस्थान के 35 युवाओं ने सीखीं योग और मेडिटेशन की बारीकियां
Thu, 05 Feb 2026 08:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 05 Feb 2026 08:22 AM IST
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धर्मशाला। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत द्वारा कांगड़ा के छेब में आयोजित पांच दिवसीय अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के दूसरा दिन युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा। राजस्थान से आए 35 युवाओं ने हिमाचल की हसीन वादियों के बीच स्वास्थ्य, आत्मविकास और कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
दिन की शुरुआत योग सत्र से हुई जहां प्रतिभागियों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की मनोवैज्ञानिक डॉ. ज्योति शर्मा ने मेंटल वेल बीइंग एवं साइकोलॉजिकल रेसिलिएंस पर युवाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
इसके बाद उद्यमी और युवा आइकन संदीप चौधरी ने कौशल विकास पर सत्र लिया, जिसमें उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में प्रेरित किया। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मंगल सिंह ने युवाओं से नशा मुक्त समाज बनाने की अपील की, जबकि आर्ट ऑफ लिविंग के आचार्य अनुराग अरोड़ा ने मेडिटेशन के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने का अभ्यास करवाया।
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दिन के अंतिम सत्र में बोनफायर के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान के युवाओं ने अपने लोक नृत्य और गीतों के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति की छटा बिखेरी, वहीं हिमाचल के युवाओं ने पहाड़ी गीतों से अतिथियों का मनोरंजन किया। यह कार्यक्रम दोनों राज्यों के युवाओं के बीच सौहार्द और सांस्कृतिक समझ बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
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दिन की शुरुआत योग सत्र से हुई जहां प्रतिभागियों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की मनोवैज्ञानिक डॉ. ज्योति शर्मा ने मेंटल वेल बीइंग एवं साइकोलॉजिकल रेसिलिएंस पर युवाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
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इसके बाद उद्यमी और युवा आइकन संदीप चौधरी ने कौशल विकास पर सत्र लिया, जिसमें उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में प्रेरित किया। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मंगल सिंह ने युवाओं से नशा मुक्त समाज बनाने की अपील की, जबकि आर्ट ऑफ लिविंग के आचार्य अनुराग अरोड़ा ने मेडिटेशन के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने का अभ्यास करवाया।
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दिन के अंतिम सत्र में बोनफायर के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान के युवाओं ने अपने लोक नृत्य और गीतों के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति की छटा बिखेरी, वहीं हिमाचल के युवाओं ने पहाड़ी गीतों से अतिथियों का मनोरंजन किया। यह कार्यक्रम दोनों राज्यों के युवाओं के बीच सौहार्द और सांस्कृतिक समझ बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।