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हरिपुर महल, मंदिर व ऐतिहासिक धरोहरों का निरीक्षण
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिपुर (कांगड़ा)। भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला की टीम ने हरिपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की बदहाली को कैमरे में कैद किया। साथ ही खंडहरों में तबदील हो चुकी धरोहरों का निरीक्षण किया। टीम में भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला से संग्रहालय अध्यक्ष हरी सिंह चौहान, पंजीकरण अधिकारी सुरेश नड्डा और संग्रहालय अध्यक्ष महेंद्र सिंह रहे। उन्होंने कमरा नुमा चैंबर युक्त कुएं का निरीक्षण किया। इसके बाद हरिपुर के पुराने राजा के महल, मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में बारीकी से जानकारी एकत्रित की। टीम के सदस्यों ने लोगों से आग्रह किया कि अगर लोगों के पास कोई पुराण सिक्का या इतिहास से जुड़ी पुख्ता जानकारी हो तो इसकी जानकारी विभाग को दें, ताकि यहां के इतिहास के बारे में पता चल सके। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि स्थानीय बुद्धिजीवी इन धरोहरों के संरक्षण के लिए एक रजिस्टर्ड कमेटी बनाएं।
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हरिपुर (कांगड़ा)। भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला की टीम ने हरिपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की बदहाली को कैमरे में कैद किया। साथ ही खंडहरों में तबदील हो चुकी धरोहरों का निरीक्षण किया। टीम में भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला से संग्रहालय अध्यक्ष हरी सिंह चौहान, पंजीकरण अधिकारी सुरेश नड्डा और संग्रहालय अध्यक्ष महेंद्र सिंह रहे। उन्होंने कमरा नुमा चैंबर युक्त कुएं का निरीक्षण किया। इसके बाद हरिपुर के पुराने राजा के महल, मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में बारीकी से जानकारी एकत्रित की। टीम के सदस्यों ने लोगों से आग्रह किया कि अगर लोगों के पास कोई पुराण सिक्का या इतिहास से जुड़ी पुख्ता जानकारी हो तो इसकी जानकारी विभाग को दें, ताकि यहां के इतिहास के बारे में पता चल सके। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि स्थानीय बुद्धिजीवी इन धरोहरों के संरक्षण के लिए एक रजिस्टर्ड कमेटी बनाएं।