{"_id":"599489884f1c1b220b8b4585","slug":"21502906760-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज रफ्तार पर ट्रक चालक को एक साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज रफ्तार पर ट्रक चालक को एक साल कैद
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाली (कांगड़ा)। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जवाली निखिल अग्रवाल ने बुधवार को एक अहम फैसले में तेज रफ्तार ट्रक ड्राइवर को एक साल के साधारण कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक न्यायवादी संजय चौहान ने बताया कि उत्तम सिंह पुत्र जय सिंह निवासी गाहलियां ने सात मई 2008 को ट्रक (नंबर एचपी 40बी-3927) को तेज रफ्तारी और लापरवाही से चलाते हुए मोटरसाइकिल सवार शशि कुमार को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी माता लीला देवी और बहन सरोज कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनको अस्पताल में दाखिल करवाया गया, लेकिन 12 मई 2008 को सरोज कुमारी की मौत हो गई। जवाली पुलिस ने इस संदर्भ में ट्रक चालक जय सिंह के खिलाफ धारा 279, 337 व 304ए के तहत मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया। न्यायिक दंडाधिकारी निखिल अग्रवाल ने दोषी ट्रक चालक को धारा 270 के तहत तीन माह का साधारण कारावास, धारा 337 के तहत एक साल का साधारण कारावास और धारा 304ए के तहत एक साल का साधारण कारावास और 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
सहायक न्यायवादी संजय चौहान ने बताया कि उत्तम सिंह पुत्र जय सिंह निवासी गाहलियां ने सात मई 2008 को ट्रक (नंबर एचपी 40बी-3927) को तेज रफ्तारी और लापरवाही से चलाते हुए मोटरसाइकिल सवार शशि कुमार को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी माता लीला देवी और बहन सरोज कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनको अस्पताल में दाखिल करवाया गया, लेकिन 12 मई 2008 को सरोज कुमारी की मौत हो गई। जवाली पुलिस ने इस संदर्भ में ट्रक चालक जय सिंह के खिलाफ धारा 279, 337 व 304ए के तहत मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया। न्यायिक दंडाधिकारी निखिल अग्रवाल ने दोषी ट्रक चालक को धारा 270 के तहत तीन माह का साधारण कारावास, धारा 337 के तहत एक साल का साधारण कारावास और धारा 304ए के तहत एक साल का साधारण कारावास और 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन