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रूसा, फीस बढ़ोतरी के विरोध में एसएफआई का प्रदर्शन
Updated Wed, 13 Dec 2017 11:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। संत राम महाविद्यालय की एसएफआई इकाई ने रूसा प्रणाली के तहत पेश आ रह समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इकाई अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा कि रूसा प्रणाली लागू होने के बाद से पिछले पांच वर्षों से छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दिन प्रतिदिन फीस में बढ़ोतरी से शिक्षा आम जनमानस से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संगठन की मांगों को दरकिनार करते हुए इस तरफ ध्यान देना ठीक नहीं समझा है। उन्होंने कहा कि देश में लड़कियों के साथ अमानवीय घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सरकारें राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगी हुई हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण जैसी बातें मात्र किताबों तक सीमित होकर रह गई हैं। उन्होंने सरकार से री अपीयर की परीक्षाओं को पीजी कोर्स की तर्ज पर कर वर्ष में दो बार परीक्षाओं का आयोजन करने, रूसा के तहत पुनर्मूल्यांकन की सुविधा देने, पीटीए फंड के नाम पर ली जा रही अतिरिक्त फीस को कम करने, रूसा के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने, शुद्धिकरण फीस को समाप्त करने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों का प्रावधान करने की मांग की है। इस मौके पर शबनम शर्मा, हिमांशु, रोहित, वंदना, प्रियंका, अंकिता, पल्लवी, आंचल, अजय और विशाल आदि उपस्थित रहे।
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बैजनाथ (कांगड़ा)। संत राम महाविद्यालय की एसएफआई इकाई ने रूसा प्रणाली के तहत पेश आ रह समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इकाई अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा कि रूसा प्रणाली लागू होने के बाद से पिछले पांच वर्षों से छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दिन प्रतिदिन फीस में बढ़ोतरी से शिक्षा आम जनमानस से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संगठन की मांगों को दरकिनार करते हुए इस तरफ ध्यान देना ठीक नहीं समझा है। उन्होंने कहा कि देश में लड़कियों के साथ अमानवीय घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सरकारें राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगी हुई हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण जैसी बातें मात्र किताबों तक सीमित होकर रह गई हैं। उन्होंने सरकार से री अपीयर की परीक्षाओं को पीजी कोर्स की तर्ज पर कर वर्ष में दो बार परीक्षाओं का आयोजन करने, रूसा के तहत पुनर्मूल्यांकन की सुविधा देने, पीटीए फंड के नाम पर ली जा रही अतिरिक्त फीस को कम करने, रूसा के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने, शुद्धिकरण फीस को समाप्त करने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों का प्रावधान करने की मांग की है। इस मौके पर शबनम शर्मा, हिमांशु, रोहित, वंदना, प्रियंका, अंकिता, पल्लवी, आंचल, अजय और विशाल आदि उपस्थित रहे।
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