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-्रदय गति रुकने से सेना जवान की मौत
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुर(कांगड़ा)। नूरपुर की गुरचाल पंचायत के मेहला गांव के सेना जवान कृष्ण कुमार (34) की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। मंगलवार को कृष्ण कुमार का राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव में संस्कार कर दिया। प्रशासन की तरफ से एसडीएम आबिद हुसैन सादिक ने कृष्ण कुमार को श्रद्धाजंलि दी। कृष्ण कुमार जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में तैनात थे। कृष्ण कुमार की यूनिट के सूबेदार रमेश लाल जो कि शव के साथ आए थे। उन्होंने बताया कि रात करीब 11 बजे कृष्ण कुमार को पेट में दर्द पड़ी, जो कि मामूली दर्द थी। उसके बाद दवाई खाने के बाद वे सो गए। रात करीब डेढ़ बजे दोबारा दर्द शुरू हुई। इसके बाद उन्हें आर्मी अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी हृदय गति रुकने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह कृष्ण कुमार के पार्थिव शरीर को सेना के जवानों ने उनके गांव में पहुंचाया। कृष्ण कुमार को उनके आठ वर्षीय बेटे हरदीप ने मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे 60 वर्षीय बुजुर्ग माता, पत्नी किरण देवी, बेटा हरदीप, बेटी अनन्या (11) भाई करण सिंह को छोड़ गया है। अंतिम संस्कार में 18 सिख रेजीमेंट, एसडीएम आबिद हुसेन सादिक, पूर्व सैनिक 176 मध्यम तोपखाना रेजीमेंट की तरफ से उपदेश सिंह (सूबेदार मेजर), मिलाप पठानिया, केवल कृष्ण, नरेंद्र सिंह, निश्छल महाजन, सुधान सिंह, प्रीतम सिंह, मुल्तान सिंह और अशपाल सिंह, भवानी पठानिया सहित गांव के हजारों लोगों ने कृष्ण कुमार को श्रद्धांजलि दी।
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नूरपुर(कांगड़ा)। नूरपुर की गुरचाल पंचायत के मेहला गांव के सेना जवान कृष्ण कुमार (34) की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। मंगलवार को कृष्ण कुमार का राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव में संस्कार कर दिया। प्रशासन की तरफ से एसडीएम आबिद हुसैन सादिक ने कृष्ण कुमार को श्रद्धाजंलि दी। कृष्ण कुमार जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में तैनात थे। कृष्ण कुमार की यूनिट के सूबेदार रमेश लाल जो कि शव के साथ आए थे। उन्होंने बताया कि रात करीब 11 बजे कृष्ण कुमार को पेट में दर्द पड़ी, जो कि मामूली दर्द थी। उसके बाद दवाई खाने के बाद वे सो गए। रात करीब डेढ़ बजे दोबारा दर्द शुरू हुई। इसके बाद उन्हें आर्मी अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी हृदय गति रुकने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह कृष्ण कुमार के पार्थिव शरीर को सेना के जवानों ने उनके गांव में पहुंचाया। कृष्ण कुमार को उनके आठ वर्षीय बेटे हरदीप ने मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे 60 वर्षीय बुजुर्ग माता, पत्नी किरण देवी, बेटा हरदीप, बेटी अनन्या (11) भाई करण सिंह को छोड़ गया है। अंतिम संस्कार में 18 सिख रेजीमेंट, एसडीएम आबिद हुसेन सादिक, पूर्व सैनिक 176 मध्यम तोपखाना रेजीमेंट की तरफ से उपदेश सिंह (सूबेदार मेजर), मिलाप पठानिया, केवल कृष्ण, नरेंद्र सिंह, निश्छल महाजन, सुधान सिंह, प्रीतम सिंह, मुल्तान सिंह और अशपाल सिंह, भवानी पठानिया सहित गांव के हजारों लोगों ने कृष्ण कुमार को श्रद्धांजलि दी।