Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष बोले- राहुल गांधी का बयान देश के खिलाफ जंग का एलान; जानें क्यों हो रहा विवाद
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते राहुल गांधी अब देश के विरोध पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर हिमाचल के नेता राहुल गांधी के बयान से सहमत हैं तो वह खुलकर सामने आएं और अगर असहमत हैं तो अपने नेता का विरोध करें।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन के मौके पर राहुल गांधी द्वारा दिया गया बयान देश के खिलाफ जंग का एलान है। किसी नेता से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते राहुल गांधी अब देश के विरोध पर उतर आए हैं। यह शर्मनाक बात है। इंडियन स्टेट से लड़ाई की बातें हमेशा एंटी नेशनल एलिमेंट्स के द्वारा ही की जाती रही हैं और आज देश के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सर्वेसर्वा भी वही बात कर रहे हैं। राहुल गांधी भारत के संविधान की शपथ लेते हैं और साथ ही कहते हैं कि ‘वी आर फाइटिंग द इंडियन स्टेट इटसेल्फ'। क्या विपक्ष के नेता से इस तरह के बयान की उम्मीद की जा सकती है? उन्हे पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जब पूरा देश सेना दिवस मना रहा था। देश की सेना के बलिदान शौर्य साहस का गुणगान और नमन कर रहा था। उस समय देश के नेता प्रतिपक्ष इंडियन स्टेट के खिलाफ लड़ाई का इरादा जता रहे थे। इंडियन स्टेट का मतलब भारत का सब कुछ। जो कुछ भी भारत के हित के लिए है, भले के लिए है, भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है, भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, संरक्षा के लिए काम कर रहा है, सब कुछ इंडियन स्टेट है और राहुल गांधी उसी के खिलाफ लड़ने की बात कर रहे हैं। आखिर कांग्रेस देश के खिलाफ इस तरह का मंसूबा क्यों रखती है?
जयराम ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी के बयान से कांग्रेस का असली चेहरा और इरादा सामने आ गया है। जिस समय राहुल गांधी द्वारा इतनी आपत्तिजनक बातें की जा रही थी उस समय हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री वहीं मौजूद थे और उन्होंने उनकी इस बात का प्रतिकार नहीं किया। यह प्रदेश के लोग जानना चाहते हैं कि क्या हिमाचल प्रदेश सरकार के मुखिया और कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी की बात से सहमत हैं या नहीं? अगर हिमाचल के नेता राहुल गांधी के बयान से सहमत हैं तो वह खुलकर सामने आएं और अगर असहमत हैं तो अपने नेता का विरोध करें।
कांग्रेस के मुख्यालय के उद्घाटन के मौके पर इंदिरा भवन में आयोजन था। इस मौके पर राहुल गांधी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया तो एक बात ऐसी कह गए कि विवाद छिड़ गया। राहुल गांधी ने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा और आरएसएस जैसे राजनीतिक संगठन से ही नहीं है बल्कि भारतीय राज्य से भी है। राहुल गांधी ने कहा, 'यदि आप यह समझ रहे हैं कि हम भाजपा और आरएसएस जैसे राजनीतिक संगठनों से लड़ रहे हैं तो यह गलत है। इन दोनों ने देश के हर संस्थान पर कब्जा कर लिया है। अब हम भाजपा, आरएसएस और इंडियन स्टेट से भी लड़ रहे हैं।'
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर देश गंभीरता से विचार नहीं करता है। उनके बयानों में न गंभीरता होती है और न ही सच्चाई। वह बिना कारण बात का बतंगड़ बनाने के महारथी हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान को लेकर वह बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं। यह सच है कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली। गुलामी की जंजीरों से मुक्त होने का यह दिन पूरे भारत के लिए सौभाग्य का दिन था। लेकिन इस बात को भी भुलाया नहीं जा सकता कि पूरे 500 साल तक भारत में राम का मंदिर नहीं बन सका। भागवत ने यही कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनने से हमारी स्वतंत्रता और अधिक चमक गई। प्रभु राहुल गांधी को सद्बुद्धि दें।