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Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले- युवाओं की बात को सुने और गेस्ट टीचर पॉलिसी वापस ले सरकार

Mon, 16 Dec 2024 05:37 PM IST
अंकेश डोगरा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 16 Dec 2024 05:37 PM IST
सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी तानाशाही से बाज आए और अपने वादे के मुताबिक गेस्ट टीचर पॉलिसी को वापस ले। पढ़ें पूरी खबर...

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Jairam Thakur said Government should listen to the youth and withdraw the guest teacher policy
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की मनमानी नहीं चलेगी। जब जो मन में आए उसे पॉलिसी बनाकर प्रदेश के ऊपर नहीं थोपा जा सकता। सरकार अपनी तानाशाही से बाज आए और अपने वादे के मुताबिक गेस्ट टीचर पॉलिसी को वापस ले। सुक्खू सरकार की गेस्ट टीचर पॉलिसी न सिर्फ युवाओं बल्कि छात्रों के लिए भी घातक है। सरकार ने जो वादा किया था वह निभाए और युवाओं को पक्की नौकरी दे। अब तक सरकार के नुमाइंदों द्वारा विभिन्न प्लेटफार्म पर गेस्ट टीचर पॉलिसी को लेकर जिस तरीके की बातें की गई है उससे यह स्पष्ट है कि यह पॉलिसी एक बार फिर से पूरे देश में हिमाचल प्रदेश की किरकिरी कराएगा। इसलिए अभी समय है सरकार बिना प्रदेश की किरकिरी करवाए युवाओं के भविष्य विरोधी, छात्रों की शिक्षा विरोधी और प्रदेश की छवि खराब करने वाली पॉलिसी को वापस ले।

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जयराम ठाकुर ने कहा मुख्यमंत्री भले ही इस पॉलिसी  गुणगान करें, प्रदेश में घूम-घूम कर इसे अपनी उपलब्धि और मास्टर स्ट्रोक बताएं लेकिन यह पॉलिसी सुक्खू सरकार द्वारा अब तक उठाए गए सभी जन विरोधी कदमों में सबसे बड़ा कदम है। जो युवाओं के वर्तमान के साथ-साथ नौनिहालों का भविष्य भी खराब करेगा। अगर यह पॉलिसी इतनी ही कारगर और जनहितकारी होती तो इस पॉलिसी के विरोध में प्रदेश के लोग सड़कों पर नहीं होते। इस पॉलिसी के विरोध में छात्रों के अभिभावक सड़कों पर नहीं होते। पॉलिसी के विरोध में प्रदेश के युवा सड़कों पर नहीं होते। पॉलिसी के विरोध में प्रदेश के छात्र संगठन, सामाजिक संगठन सड़कों पर नहीं होते। 75 लाख की आबादी में से हिमाचल के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के अलावा प्रदेश का एक भी व्यक्ति में यदि इस पॉलिसी की प्रशंसा की हो तो सरकार बताए। सुक्खू सरकार की गेस्ट टीचर पॉलिसी किसी भी स्थिति में स्वीकार करने योग्य नहीं है।

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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार अब प्रदेश के लोगों को बरगलाना बंद करें और जनहित में काम करना शुरू कर दे। मंचों से खड़े होकर बड़ी-बड़ी बातें करना छोड़े और प्रदेश के लोगों के बारे में सोचे। सरकार के खिलाफ मात्र 2 साल के कार्यकाल में ही प्रदेश के लोग इस कदर सड़कों पर हैं तो यह हालत प्रदेश के लिए भी सही नहीं है। सरकार जमीनी हकीकत को समझे, जनता के मुद्दों को जाने और उनका निस्तारण करे। अगर मुख्यमंत्री चाहते हैं कि वह और उनका पूरा मंत्रिमंडल झूठ की दुकान पर अपने पकवान बेचे तो अब यह हो नहीं सकता।  काठ की हांडी सिर्फ एक बार चढ़ती है और वह पिछले विधानसभा चुनाव में चढ़ गई है। जब हर साल एक लाख नौकरियां और 5 साल में 5 लाख नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आए हो तो अपने वादे निभाओ और लोगों को नौकरियां दो। प्रदेश के लोगों ने कांग्रेस को सत्ता रोजगार के लिए दी थी झूठ के कारोबार के लिए नहीं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंचों से खड़े होकर झूठ बोलने से न सरकार का भला होना ना प्रदेश के लोगों का। मुख्यमंत्री यह भी न भूले कि प्रदेश के लोगों को सरकारी और प्राइवेट नौकरी, कच्ची और पक्की नौकरी, 58 साल वाली नौकरी और 1 घंटे वाली नौकरी के बीच का अंतर पता है। अतः उनसे निवेदन है कि मुख्यमंत्री पद की गरिमा का भी ख्याल रखें और झूठ बोलने से बचे। भारतीय जनता पार्टी घंटे के हिसाब से स्कूलों में पढ़ाने वाले गेस्ट टीचर पॉलिसी का विरोध करती है। सरकार के लोग और कांग्रेस पार्टी के नेता 20 जनवरी 2024 को गेस्ट टीचर पॉलिसी को लेकर प्रदेश के युवाओं और विपक्ष को को दिए गए आश्वाशन को याद करें और गेस्ट टीचर पॉलिसी जैसे जनविरोधी फैसले को जल्दी से जल्दी वापस ले।
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