Dharamshala: इंडोनेशिया की महिला टीम टी-20 विश्व कप में प्रवेश के लिए धर्मशाला में कर रही तैयारी
इंडोनेशिया की टीम 2026 में इंग्लैंड में होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप में क्वालिफाई करना चाहती है। इसके लिए टीम ने धर्मशाला के ठंडे वातावरण में तीन दिन प्रैक्टिस की है।
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इंग्लैंड की ठंडी फिजाओं में जून, 2026 में होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप के लिए इंडोनेशिया की टीम धर्मशाला में तैयारी कर रही है। महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप में प्रवेश पाने के लिए खूब पसीना बहा रही है। महिला टीम 2026 में इंग्लैंड में होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप में क्वालिफाई करना चाहती है। इसके लिए टीम ने धर्मशाला के ठंडे वातावरण में तीन दिन प्रैक्टिस की है, जबकि सोमवार को इंडोनेशिया की टीम हिमाचल के साथ ऊना में मैच खेलेगी।
जानकारी के अनुसार इंडोनेशिया की महिला क्रिकेट टीम हिमाचल की ठंडी वादियों में क्रिकेट की बारीकियां सीख रही है। अगले वर्ष होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी इंग्लैंड करेगा। इंग्लैंड के क्रिकेट स्टेडियमों की स्थिति ठंडी होती है, क्योंकि वहां का मौसम सामान्यतया ठंडा और नम रहता है। इंग्लैंड की पिचें अक्सर हरी-भरी और स्विंग को बढ़ावा देने वाली होती हैं, जो मौसम के अनुरूप बदलती रहती हैं।
वहीं इन ठंडी पिचों पर खेलने के अभ्यास के लिए इंडोनेशिया की महिला टीम हिमाचल में प्रैक्टिस कर रही है। इंडोनेशिया की 14 सदस्यीय टीम भारत मूल के अपने हेड कोच विकास यादव, इंग्लैंड मूल के कोच एंडी काॅटन की अगवाई में धर्मशाला पहुंची है। महिला टीम एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रही है। टीम रविवार को भी स्टेडियम में नैट पर प्रैक्टिस करेगी।
इंडोनेशिया की टीम के कोच एंडी कॉटन ने धर्मशाला स्टेडियम की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि वह इंग्लैंड से संबंध रखते हैं। ऐसे में धर्मशाला और इंग्लैंड के मौसम में कुछ ज्यादा अंतर नहीं है। उनकी टीम का प्रयास रहेगा कि वह अगले वर्ष इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करे। कोच ने बताया कि धर्मशाला आने का उनका मकसद यहां की ठंडी पिचों पर प्रैक्टिस करना है। इसके अलावा एचपीसीए की ओर से महिला टीम के साथ कुछ मैच भी रखे हैं, जिसका वह फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी जितना अन्य टीमों के साथ खेलेंगे, उनके प्रदर्शन में उतना ही सुधार होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि धर्मशाला में खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे अभ्यास से इंग्लैंड की स्विंग करती हुई पिचों पर खेलने में मदद करेगी।