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HP High Court : आदेशों की अवहेलना पर नायब तहसीलदार की स्कॉर्पियो जब्त, आपदा राहत में लगेगी

Tue, 09 Sep 2025 11:30 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 09 Sep 2025 11:30 AM IST
सार

HP High Court : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नायब तहसीलदार की स्कॉर्पियो गाड़ी को चाबियां सहित जब्त कर रजिस्टार जनरल के समक्ष जमा करने के आदेश दिए हैं। खंडपीठ ने आदेश दिया कि गाड़ी का उपयोग आपदा राहत कार्यों के लिए किया जाएगा और इसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव को सौंपा जाएगा। जानें पूरा मामला...

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HP High Court Naib Tehsildar Scorpio seized for disobeying orders will be used for disaster relief
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने संबंधी आदेशों की अवहेलना करने पर रामपुर के नायब तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। खंडपीठ ने नायब तहसीलदार की स्कॉर्पियो गाड़ी को चाबियां सहित जब्त कर रजिस्टार जनरल के समक्ष जमा करने के आदेश दिए हैं।

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अदालत को बताया गया कि यह गाड़ी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नायब तहसीलदार को सौंपी गई थी। खंडपीठ ने आदेश दिया कि गाड़ी का उपयोग आपदा राहत कार्यों के लिए किया जाएगा और इसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव को सौंपा जाएगा। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने आदेश दिया कि जब तक अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया जाता, तब तक गाड़ी जब्त रहेगी। यह आदेश पुष्पानंद बनाम हिमाचल प्रदेश मामले में सुनवाई के दौरान दिए गए।
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सुनवाई के दौरान रामपुर के नायब तहसीलदार सुरेश कुमार नेगी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। खंडपीठ ने पाया कि 8 अप्रैल 2025 से अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के आदेशों के अनुपालन के लिए अवसर दिए गए थे, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि 1 सितंबर को अधिकारियों को आदेशों की अवहेलना करने पर दंडित किया जाएगा। बावजूद इसके 14 अगस्त को बेदखली वारंट जारी किया गया और अनुपालन की तिथि 30 नवंबर तय की गई। अदालत ने यह माना कि अधिकारी अदालत के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।  यह मामला 2019 में एनएच 5 से याचिकाकर्ता के घर तक एंबुलेंस रोड के निर्माण से संबंधित है। 

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