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बीएड करनी है तो आपके लिए जरूरी है ये खबर
शिमला
Updated Sun, 08 Sep 2013 02:19 AM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बीएड के पाठ्यक्रम और पैटर्न को पूरी तरह से बदल दिया है। कंप्यूटर और योगा की शिक्षा अब अनिवार्य कर दी है।
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छात्रों को नए पाठ्यक्रम में छह के बजाय आठ बेसिक कोर्स पढ़ने होंगे। स्नातक में पढ़े दो विषय भी पढ़ने होंगे। साल के अंत में नौ के बजाय दस परीक्षाएं देनी जरूरी होंगी। उन्हें 20 दिन के बजाय 40 दिन की टीचिंग प्रैक्टिस करनी होगी।
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हालांकि, पहले यह बीस दिन की होती थी। भाषा के बेहतर ज्ञान के लिए भी पाठ्यक्रम को अपडेट किया है।
कोर्स के दौरान छात्र की उपस्थिति से लेकर उसके व्यवहार को देखते हुए शिक्षक अंक देंगे। कोर्स के दौरान दो बार इंटरनल परीक्षाएं लेना अनिवार्य होगा। इसके अंक भी कोर्स के रिजल्ट में जुड़ेंगे। दो विषयों में प्रोजेक्ट करने होंगे।
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इस काम के अंक के आधार पर हासिल अंकों को कोर्स के मूल रिजल्ट में जोड़ा जाएगा। कोर्स के अंत में होने वाली परीक्षा 50 अंकों की होगी। हालांकि, पहले यह 80 अंकों की रहती थी।
अब 50 फीसदी अंक प्रशिक्षु शिक्षक की उपस्थिति, मिड टर्म टेस्टों में हासिल अंक, प्रोजेक्ट वर्क और व्यवहार के मिलेंगे। इससे कॉलेज मैनेजमेंट के हाथ में पहले के मुकाबले तीस अंक ज्यादा होंगे।
प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि नए सिस्टम से बीएड कराने से प्रशिक्षु पूरा साल व्यस्त रहेंगे। साथ ही स्कूलों में आने वाले समय में बेहतर तरीके से पढ़ाया जा सकेगा। विवि की शिक्षा विभाग की अध्यक्ष सुदर्शना राणा ने बताया कि पाठ्यक्रम को बदला है। साथ ही परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया है। बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के लिए यह पहल की है।