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Himachal Weather: 2006 के बाद 2025 में सबसे गर्म रहा शिमला, आज रिकॉर्ड किया गया इतना अधिकतम तापमान; जानें

Fri, 03 Jan 2025 04:46 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो/संवाद/शिमला/कुल्लू
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद/शिमला/कुल्लू Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 03 Jan 2025 04:46 PM IST
सार

Himachal Weather: राजधानी शिमला में जनवरी के मौसम में गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है। शुक्रवार को शिमला में इतिहास को सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ है। 

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himachal mausam 3rd january rain snowfall imd alert western disturbance weather forecast
मौसम अपडेट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राजधानी शिमला में जनवरी के मौसम में गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है। शुक्रवार को शिमला में इतिहास को सबसे गर्म दिन दर्ज हुआ है। शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले साल 2006 में 30 जनवरी को पारा 21.4 डिग्री रहा था। हिल्स क्वीन शिमला में जनवरी में अक्तूबर वाली गर्मी महसूस की जा रही है।

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वीरवार रात को 16 साल बाद सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान भी शिमला शहर में रिकॉर्ड हुआ। पर्यटन नगरी मनाली में भी 16 साल बाद रात को सबसे अधिक पारा दर्ज हुआ। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों डलहौजी, कुफरी, कसौली के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के हिल स्टेशनों में इन दिनों मैदानी जिलों के मुकाबले अधिक गर्मी पड़ रही है। निचले क्षेत्रों में कोहरा पड़ने से मौसम में ठंडक बनी हुई है।
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राजधानी शिमला में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.06 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इससे पहले 30 जनवरी 2006 को शहर में अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री रहा था। बीच के वर्षों में अधिकतम तापमान 20 डिग्री से अधिक नहीं पहुंचा। वीरवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री रहा, इससे पहले 24 जनवरी 2009 की रात को न्यूनतम पारा 12.7 डिग्री दर्ज हुआ था। इसी तरह मनाली में वीरवार रात को पारा 7.1 डिग्री रहा। इससे पहले 25 जनवरी 2009 की रात को पारा 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
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मौसम विभाग के अनुसार, 7 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। 6 जनवरी को भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी हुआ है। 8 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं, जिला कुल्लू व लाहौल घाटी का मौसम शुक्रवार से फिर बदल गया है। रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची पहाड़ियों में फिर से फाहे गिरने का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में लोगों की दुश्वारियां आने वाले दिनों में और बढ़ने वाली हैं।



कुल्लू में औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 और अटल टनल होकर गुजरने वाले हाईवे तीन के साथ लाहौल में 120 सड़कें बंद है। मौसम विभाग ने 7 जनवरी तक बर्फबारी व बारिश की संभावना जताई है। मौसम के बदले रुख से कुल्लू के साथ लाहौल में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने सैलानियों को भी संवेदनशील इलाकों का रूख न करने की हिदायत दी है।

क्षेत्र न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
ताबो -5.5
समदो -2.9
कुकुमसेरी -2.6
केलांग -0.2
कल्पा -1.4
मनाली 7.1
ऊना 3.4
मंडी 8.6
हमीरपुर 8.2
कांगड़ा  9.5
धर्मशाला 5.9
नाहन 8.7
शिमला 11.5

123 वर्षों में 44वीं सबसे अधिक बारिश हुई दिसंबर में दर्ज
हिमाचल प्रदेश में इस बार बीते 123 वर्षों में दिसंबर के दौरान 44वीं बार सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई। दिसंबर 2024 के दौरान सामान्य से 27 फीसदी अधिक बादल बरसे। वर्ष 1929 में दिसंबर में सबसे ज्यादा 176 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष दिसंबर में 48.2 मिलीमीटर बारिश हुई। लाहौल-स्पीति और सोलन जिला को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। उधर, अक्तूबर से दिसंबर 2024 तक बीते 123 वर्षों में 41वीं बार सबसे कम बारिश हुई। 2024 में अक्तूबर से दिसंबर तक के पोस्ट मानसून सीजन में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।

ऊना में देर शाम से छाए हैं बादल
जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में जहां पर पिछले दिनों हुई बारिश से खुश्क ठंड से राहत मिली वहीं, पर यह बारिश गेहूं सहित अन्य फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है। किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश होने से किसानों ने गेहूं की फसल में यूरिया खाद सहित खरपतवार नियंत्रण दवाइयों का छिड़काव करना भी शुरू कर दिया है। वीरवार देर शाम से हल्के बादल छाए हुए हैं। शुक्रवार सुबह भी बादलों तथा सूर्य के बीच आंख मिचौली का खेल देखने को मिला। वहीं पर कुछ स्थानों पर किसान भी खराब मौसम की वजह से यूरिया खाद और खरपतवार नियंत्रण दवाइयों का छिड़काव करने के लिए मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं पर कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. सतपाल धीमान का कहना है कि किसान अभी चार जनवरी तक यूरिया खाद और खरपतवार नियंत्रण दवाइयों का छिड़काव करने के लिए रूक जाएं और मौसम साफ होने के बाद भी छिड़काव करें।
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