फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Upper floor of Jyoli Devi School declared unsafe classes being held downstairs not dismantled

हिमाचल प्रदेश: ज्योली देवी स्कूल में ऊपरी मंजिल अनसेफ घोषित, नीचे लग रहीं कक्षाएं; नहीं किया डिस्मेंटल

Sun, 10 Aug 2025 11:32 AM IST
अंकेश डोगरा अरविंद मौर्या, बड़सर (हमीरपुर)।
अरविंद मौर्या, बड़सर (हमीरपुर)। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 10 Aug 2025 11:32 AM IST
सार

राजकीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला ज्योली देवी का भवन जर्जर हो चुका है। भवन की छत से सीमेंट पूरी तरह उखड़ चुका है और तेज बारिश और अंधड़ के बीच भवन की छत कभी भी गिर सकती है। 

विज्ञापन
Himachal Upper floor of Jyoli Devi School declared unsafe classes being held downstairs not dismantled
ज्योली देवी स्कूल का जर्जर भवन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

निर्माण गुणवत्ता और विभागीय लापरवाही के कारण शैक्षिक संस्थानों की हालत जर्जर होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण है राजकीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला ज्योली देवी का भवन। यहां प्रथम मंजिल को अनसेफ घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद विद्यार्थियों की कक्षाएं धरातल पर खतरे के साये में चल रही हैं।

विज्ञापन


करीब दो दशक पहले पंचायत ने स्कूल भवन की पहली मंजिल का निर्माण कराया था, जबकि धरातल का निर्माण शिक्षा विभाग ने करवाया था। विभागीय अधिकारियों ने इसे एक वर्ष पहले अनसेफ घोषित कर दिया था, इसके बावजूद इसे अभी तक गिराया नहीं जा सका है। भवन की छत से सीमेंट पूरी तरह उखड़ चुका है और तेज बारिश और अंधड़ के बीच भवन की छत कभी भी गिर सकती है। जर्जर भवन में कक्षाएं चलाना बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम बन चुका है, लेकिन अधिकारी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। 

विज्ञापन

उधर, पंचायत के उपप्रधान अमर चंद ने बताया कि पंचायत की ओर से भवन का कार्य वर्षों पहले करवाया गया था। उसके बाद इसकी देखरेख और मरम्मत का जिम्मा स्कूल प्रबंधन को सौंपा गया था। 

59 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं स्कूल में 
स्कूल में प्री-प्राइमरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक कुल 59 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2023 तक यह संख्या 100 के आसपास थी, लेकिन अब सुरक्षा के अभाव में अभिभावक बच्चों को यहां भेजने से कतरा रहे हैं। बार-बार यह शिकायत की जा रही है कि स्कूल में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और भवन की छत बारिश और तूफान के कारण कभी भी गिर सकती है। इसके बावजूद भवन को डिस्मेंटल करने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। 

विज्ञापन

स्कूल भवन को डिस्मेंटल करने के लिए बजट का प्रस्ताव निदेशालय भेजा है। बजट मिलने के बाद ही इस काम को शुरू किया जाएगा। फिलहाल विद्यार्थियों की कक्षाएं धरातल वाले कमरों में चल रही हैं- अरविंद चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी बिझड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed