फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Pradesh officials get more salary than MLAs

सूरत ए हाल: हिमाचल में विधायकों से ज्यादा अधिकारियों का वेतन, लेकिन कितना? खबर पढ़ें और जानें विस्तार से

Sun, 19 Oct 2025 10:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 19 Oct 2025 10:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में विधायकों से ज्यादा वेतन मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव से लेकर जिला स्तर पर नियुक्त कई अधिकारी ले रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal Pradesh officials get more salary than MLAs
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में विधायकों से भी ज्यादा वेतन अफसर ले रहे हैं। एक विधायक को 2.95 लाख रुपये वेतन-भत्ते के रूप में मासिक मिल रहे हैं तो मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव को 3,46,400 रुपये वेतन मिल रहा है।

विज्ञापन


जिला स्तर पर नियुक्त अधिकारी भी 3.22 लाख रुपये मासिक दिया जा रहा है। विधायकों के वेतन और भत्तों के विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद अब सोशल मीडिया पर चुने हुए इन प्रतिनिधियों को निशाने पर लिया जा रहा है, मगर विधायकों से ज्यादा वेतन मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव से लेकर जिला स्तर पर नियुक्त कई अधिकारी ले रहे हैं।

विज्ञापन

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी 3.22 लाख रुपये से अधिक वेतन मिल रहा है, जो विधायकों से कहीं अधिक है। इसी तरह लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता को 2,73,975 से लेकर तीन लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है। शिक्षा के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर और प्रधानाचार्य को अधिकतम 3,21,472 रुपये, जबकि कॉलेज प्रधानाचार्यों को 2.50 लाख से तीन लाख रुपये और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर को 3,19,040 रुपये वेतन मिलता है। कुलपति को प्रोफेसर से करीब चार हजार और कुलपति को पांच हजार रुपए अधिक प्रदान किए जाते हैं।

राज्य सरकार के सचिव भी कम से कम 2.27 लाख रुपये प्रतिमाह पाते हैं। विधायकों को अपना बिजली और पानी का बिल खुद चुकाना होता है। घर का किराया भी खुद देना पड़ता है और आयकर भी खुद ही देना पड़ता है, जबकि पहले विधायकों का टैक्स भी राज्य सरकार ही देती थी।

हमें जो कुछ भी मिलता है, वह सामाजिक कार्यों में ही खर्च हो जाता है। सभी तरह के व्यय को जोड़ा जाए तो एक आला अधिकारी को साढ़े तीन लाख रुपये क्या पांच लाख रुपये तक मिलते हैं। विधायक तो बिजली, पानी आदि के बिल खुद देते हैं। - दीपराज कपूर, विधायक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष

विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी का यह फैसला सही है। आपदा में विधायक ही सबसे पहले प्रभावितों के क्षेत्रों में पहुंचे। विधायकों  को आम लोगों की भी मदद करनी होती है। शादी-विवाह से लेकर उन्हें हर समारोह में शामिल होना होता है। विधायकों का प्रोटोकॉल तो मुख्य सचिव से भी ऊपर का होता है। इस प्रोटोकॉल को भी ठीक तरीके से अधिसूचित किया जाना चाहिए। - केवल सिंह पठानिया, विधायक एसोसिएशन के अध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed