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Himachal News: तहबाजारियों के लिए अनिवार्य होंगे पहचान पत्र, स्ट्रीट वेंडर कमेटी के सदस्यों ने दिए सुझाव

Thu, 03 Oct 2024 08:43 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 03 Oct 2024 08:43 PM IST
सार

विधानसभा की ओर से गठित स्ट्रीट वेंडर कमेटी की वीरवार को विधानसभा सचिवालय में हुई बैठक में सहमति बनी है कि तहबाजारियों के लिए पहचानपत्र अनिवार्य किए जा सकते हैं। 

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Himachal Identity cards will be mandatory for street vendors members Committee gave suggestions
विधानसभा सचिवालय में स्ट्रीट वेंडर कमेटी की बैठक। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

तहबाजारियों के लिए पहचानपत्र अनिवार्य किए जा सकते हैं। विधानसभा की ओर से गठित स्ट्रीट वेंडर कमेटी की वीरवार को विधानसभा सचिवालय में हुई बैठक इस पर सहमति बनी है। हालांकि, इस पर अभी कानूनी राय लेने का निर्णय लिया गया है। बैठक में शहरी विकास विभाग ने केंद्र सरकार की 2014 और हिमाचल प्रदेश सरकार की 2016 की स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी को लेकर बनाए गए नियम पर विस्तृत प्रस्तुति दी है। इसके अलावा कमेटी के सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए हैं। शहरी क्षेत्तों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में तहबाजारियों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। तहबाजारियों को बसाने के लिए अलग जोन बनाए जाने पर भी चर्चा हुई।

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बैठक की अध्यक्षता उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने की। उन्होंने कहा कि पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ सदस्यों ने अपने सुझाव दिए हैं, लेकिन किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले कमेटी इसमें रेहड़ी फड़ी वालों और आम लोगों के सुझाव व आपत्तियां भी लेगी। इसके लिए 15 दिन का समय तय किया गया है। कमेटी की अगली बैठक 4 नवंबर को होगी, जिसमें लोगों के सुझावों और अन्य कानूनी पहलुओं पर चर्चा होगी। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर एक्ट, 2014 में लागू हुआ है। वर्ष 2016 में इसमें कुछ संशोधन भी किया गया। जरूरत पड़ने पर इसमें और भी संशोधन किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि नगर निगम शिमला में इस एक्ट को लागू किया गया, लेकिन इसे सही तरीके से सिरे नहीं चढ़ाया गया। नगर निगम शिमला आयुक्त ने भी अपने विचार रखे हैं। सदस्यों ने कहा कि तहबाजारियों को पहचानपत्र जारी किए जाने चाहिए, जिससे उनकी पहचान की जा सके। इसके अलावा तहबाजारियों को लाइसेंस जारी करने पर भी फैसला हुआ है। शहरी विकास विभाग के निदेशक ने सदस्यों की ओर से दिए गए सुझाव नोट किए। समिति सदस्य व ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, समिति सदस्य एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, समिति सदस्य अनिल शर्मा, सतपाल सिंह सत्ती, रणधीर शर्मा और हरीश जनारथा उपस्थित रहे। इस दौरान प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा और आयुक्त नगर निगम शिमला भूपेंद्र अत्री भी मौजूद रहे।

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