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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- हाइबिस्कस योजना से जैव विविधता संरक्षण को मिलेगी रफ्तार, दो लाख किसानों को लाभ
Thu, 23 Jul 2026 09:07 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 23 Jul 2026 09:07 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड ने राज्यभर में योजना के क्रियान्वयन के लिए वन विभाग को दो करोड़ रुपये जारी किए हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाइबिस्कस योजना का शुभारंभ किया।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल करते हुए हाइबिस्कस योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड ने राज्यभर में योजना के क्रियान्वयन के लिए वन विभाग को दो करोड़ रुपये जारी किए हैं। योजना का उद्देश्य स्थानीय समुदायों की भागीदारी से पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्बहाली, जैव विविधता का संरक्षण और जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हाइबिस्कस योजना हिमाचल की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
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इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि योजना पारिस्थितिकी पुनर्बहाली, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता बढ़ाने और औषधीय पौधों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही बाजार से जुड़ी गतिविधियों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से प्रदेश के करीब दो लाख किसान और 10 हजार सामुदायिक समूह लाभान्वित होंगे। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लागत-साझेदारी मॉडल अपनाया गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड, औद्योगिक साझेदार और किसान मिलकर काम करेंगे।
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पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जियो-टैग्ड फोटो, मैदानी निरीक्षण और ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से डिजिटल निगरानी की जाएगी। यह योजना राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के ढांचे पर आधारित है। इसके तहत वन, सामुदायिक, निजी और कृषि भूमि पर पौधारोपण, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की संरक्षण खेती, नर्सरी विकास, क्षमता निर्माण और जैव विविधता प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वैज्ञानिक प्रबंधन और पारंपरिक ज्ञान को जोड़ते हुए जैव विविधता आधारित विकास मॉडल तैयार करना है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्राकृतिक आवासों की गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि हाइबिस्कस योजना हिमाचल प्रदेश को जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।