फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal CM Sukhu said now the state government will fix the minimum support price of potatoes

Himachal : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- अब आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करेगी प्रदेश सरकार

Fri, 13 Jun 2025 09:45 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 13 Jun 2025 09:45 AM IST
सार

शिमला में वीरवार को हिमाचल रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर नेटवर्क की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय बहु हितधारक परामर्श सम्मेलन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में आलू का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal CM Sukhu said now the state government will fix the minimum support price of potatoes
शिमला में कार्यक्रम के दाैरान प्राकृतिक उत्पादों की जानकारी लेते सीएम। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में आलू का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा। राज्य सरकार जल्द ही इसका समर्थन मूल्य घोषित करेगी। सरकार ने प्राकृतिक रूप से उगाई हल्दी समेत गेहूं और मक्की का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। आने वाले समय में इनके समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी भी की जाएगी।

विज्ञापन


शिमला में वीरवार को हिमाचल रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर नेटवर्क की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय बहु हितधारक परामर्श सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना जिले में करीब 20 करोड़ से आलू प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अगले एक साल में कई नई योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि असंतुलित भोजन से लोगों में पोषण से संबंधित समस्याएं बढ़ रही हैं। देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों के बाद हिमाचल में कैंसर के मामलों में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका कारण खान-पान की आदतों में बदलाव भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की 80 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। 

कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में इसका लगभग 14 प्रतिशत योगदान है। मौजूदा समय में मौसम में जिस प्रकार से प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिला है, वह कृषि के लिए चिंताजनक है। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती के अनुभवों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। 

उन्होंने प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों की सराहना करते हुए सरकार की ओर से इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम में पद्मश्री नेक राम शर्मा ने जल, जंगल, जमीन को बचाने सहित मोटे अनाज के महत्त्व पर भी चर्चा की।

बोले -पारंपरिक फसलों को दोबारा इस्तेमाल में लाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पारंपरिक बीज और फसलें हैं जो प्राकृतिक खेती से उगती हैं और पोषण से भरपूर होती हैं। हमें ऐसी पारंपरिक फसलों को दोबारा इस्तेमाल में लाना होगा। इनमें शोध के माध्यम से और सुधार लाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed