Himachal Pradesh: व्यासधेनु डेयरी का दही पाया मिस ब्रांडेड, कार्रवाई शुरू, विभाग जारी करेगा नोटिस; जानें
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 13 जून को प्रतिष्ठित व्यासधेनु डेयरी कंपनी के दही के सैंपल एकत्रित किए थे और उन्हें जांच के लिए कंडाघाट स्थित लैब में भेजा गया। अब जांच रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हो चुकी है, जिसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह दही मिस ब्रांडेड था। पढ़ें पूरा मामला...
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प्रतिष्ठित व्यासधेनु डेयरी के दही का सैंपल मिस ब्रांडेड पाया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में इसकी पुष्टि हुई है कि दही के पैकेट पर अंकित निर्माण तिथि और बाजार में उपलब्धता की वास्तविक तिथि में मेल नहीं था। जांच में सामने आया है कि जिस दही पर 13 जून की निर्माण तिथि अंकित थी, वह 12 जून को ही बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया था।
बता दें कि मामला तब ध्यान में आया था जब कुछ उपभोक्ताओं ने दही के पैकेट पर ऐसा लिखा पाया, जिसे देखकर उपभोक्ता हैरान रह गए और इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई। उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि जो दही अगले दिन बनना था, वह एक दिन पहले ही दुकानों पर कैसे पहुंच गया। इस आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए 13 जून को उक्त कंपनी के दही के सैंपल एकत्रित किए और उन्हें जांच के लिए कंडाघाट स्थित लैब में भेजा गया। अब जांच रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हो चुकी है, जिसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह दही मिस ब्रांडेड था।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार यह एक गंभीर मामला है और इस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी को इस नोटिस का 30 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो दही के मिस ब्रांडेड पाए जाने पर कंपनी पर तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और भरोसेमंद ब्रांड से इस प्रकार की चूक उपभोक्ता हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
विभाग द्वारा शिकायत आने के बाद बाजार से दही के सैंपल लिए गए थे, जांच में दही को मिस ब्रांडेड पाया गया है। विभाग नियमानुसार कार्रवाई अमल में ला रहा है, जिसमें तीन लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। आम जनता से अपील है कि यदि उन्हें किसी भी खाद्य उत्पाद को लेकर संदेह हो तो वे तत्काल विभाग को इसकी सूचना दें, ताकि उपभोक्ता स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।- महेश कश्यप, आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग बिलासपुर