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Himachal: चैरिटेबल अस्पताल भोटा के मामले में हाई लेवल कमेटी पर टिकी नजरें, लोगों ने शांतिपूर्ण किया प्रदर्शन

Fri, 29 Nov 2024 09:02 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, भोटा (हमीरपुर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, भोटा (हमीरपुर)। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 29 Nov 2024 09:02 PM IST
सार

भोटा में शुक्रवार को दर्जनों लोग अस्पताल के बाहर एकत्र तो हुए, लेकिन चक्का जाम करने की बजाय शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया। वजह है सीएम सुक्खू की ओर से बुलाई गई हाई लेवल कमेटी की बैठक। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal All eyes on the high level committee in the case of Charitable Hospital Bhota
चैरिटेबल अस्पताल भोटा के बाहर धरने पर बैठे लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चैरिटेबल अस्पताल भोटा के जमीन हस्तांतरण के मसले पर सीएम सुक्खू की ओर से हाई लेवल कमेटी की बैठक बुलाए जाने से प्रदर्शन थम गया है। भोटा में शुक्रवार को दर्जनों लोग अस्पताल के बाहर एकत्र तो हुए, लेकिन चक्का जाम करने की बजाय शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया।

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अस्पताल के गेट पर 11 से दो बजे तक लोग बैठे रहे। अब लोगों की निगाहें हाई लेवल कमेटी पर टिकी हुई हैं। बीते दो दिनों से जिलाभर में इस मामले को लेकर लोग आंदोलनरत थे। लोग आश्वासन के बाद सड़कों पर नहीं उतरे, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोटा अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस एएसपी राजेश कुमार की अगुआई में मौजूद रही। लोगों ने सरकार से मामले को जल्द सुलझाने की मांग उठाई है।
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सीएम के बैठक बुलाए जाने से अब लोगों को उम्मीद है कि इस मामले का जल्द कोई हल निकलेगा। हालांकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों ने सरकार को चेताया है कि यदि मामले का हल नहीं निकला तो आंदोलन उग्र हो जाएगा। सेवानिवृत्त एसडीओ रविन्द्र खन्ना, रीमा देवी, रामलाल, रमेश, उमा देवी का कहना है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने पहली दिसंबर को अस्पताल प्रबंधन के साथ बातचीत करने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाई है कि अस्पताल को बंद करने का फैसला सही नहीं है और इस पर पुन: विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के अस्पताल के सुचारु संचालन के प्रयास नाकाम रहे, तो लोगों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि भोटा अस्पताल में सालों से मुफ्त इलाज होता रहा है और सभी लोग चाहते हैं कि यह अस्पताल बंद न हो।

उधर, एएसपी हमीरपुर राजेश कुमार ने कहा कि सड़कों पर लोगों ने कोई प्रदर्शन नहीं किया है। लोगों को यातायात की कोई दिक्कतें पेश न आएं, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।

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