Havaldar Suresh Kumar Mandi: पत्नी ने लाल सुहाग जोड़े में दी बलिदानी पति को अंतिम विदाई
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के हवलदार सुरेश कुमार का वीरवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। सुरेश कुमार की पत्नी धनी देवी ने सेल्यूट कर आखिरी विदाई दी।
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लेह में तैनात 18 डोगरा के जवान हवलदार सुरेश कुमार 12 नवंबर को बलिदान हो गए थे। वीरवार को उनके पैतृक गांव कोटली बग्गी तुंगल में पार्थिव देह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले उनकी पत्नी धनी देवी ने लाल सुहाग जोड़े में पति के आखिरी दर्शन किए और सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी। हवलदार सुरेश कुमार के बेटे पियूष ठाकुर और बेटी शबनम ने भी उन्हें सैल्यूट कर भारत माता की जय के उद्घोष लगाया। 42 वर्षीय हवलदार सुरेश कुमार करीब 25 साल से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। इन दिनों लेह में तैनात थे। यहां 12 नवंबर सुबह ही अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ा और लेह रणभूमि में सेवाएं देते हुए बलिदान हुए।
वीरवार को उनकी पार्थिव देह मंडी पहुंची और यहां से पैतृक गांव बग्गी तुंगल ले जाया गया। गांव पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया और चीख पुकार मच गई। बलिदानी की पत्नी धनी देवी ने हिम्मत दिखाते हुए आखिरी दर्शन किए और लाल सुहाग जोड़े में ही विदाई दी। इसे देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। माता प्रोेमिला देवी ने भी बेटे को आखिरी विदाई नम आंखों से दी। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी रोहित राठौर ने बताया कि जवान के बलिदान होने की सूचना मिली है। सेना की तरफ से मिले पत्र में बैटल फील्ड कैजुअल्टी बताया गया है।
हवलदार सुरेश के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र रखेगा याद
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 18 डोगरा रेजिमेंट के हवलदार सुरेश कुमार की शहादत पर शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि हवलदार सुरेश के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र सदैव याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शोक की इस घड़ी में पूरा राज्य शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी सुरेश कुमार की शहादत पर शोक व्यक्त किया है।