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Hamirpur (Himachal) News: प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के ज्ञान की होगी परख
Sat, 13 Sep 2025 01:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:32 AM IST
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हमीरपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में अब पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांचा जाएगा। आकलन के लिए छह शिक्षा खंडों से रैंडम आधार पर प्राथमिक स्कूलों का चयन होगा।
इसके उपरांत जिला स्तर पर गठित जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट गौना करौर से टीम विद्यार्थियों का कक्षानुसार टेस्ट लेगी। टेस्ट का आयोजन विशेष निपुण भारत मिशन के तहत संचालित अभियानों के आधार पर होगा। अभियान के तहत पढ़ाए गए विषयों के अनुसार ही गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषयों के प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, टेस्ट लेने के बाद रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी।
परिणाम के आधार पर ही स्कूलों में आगामी समय में नए अभियान, कार्यक्रम और सहपाठी गतिविधियों का आयोजन होगा। सरकारी स्कूलों में निपुण भारत मिशन व अन्य गतिविधियों के आकलन के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत सर्वे का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य हो सके।
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वर्तमान में जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन, ऑफलाइन व गतिविधियों से पढ़ाया जा रहा है। स्कूल स्तर पर गतिविधियों के लिए जारी बजट के परिणामों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए सर्वे किया जा रहा है, ताकि भविष्य की मांग को देखते हुए कार्य किया जा सके।
निपुण भारत मिशन
भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक पहल है, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक हर बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। यह मिशन बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने, खेल और मातृभाषा-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों का कौशल बढ़ाने और छात्रों की प्रगति पर नजर रखने पर केंद्रित है।
कोट
जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांच जाएगा। डाइट गौना करौर की टीम रैंडम आधार पर स्कूलों में टेस्ट लेगी, ताकि स्कूल स्तर पर संचालित अभियानों की सही रिपोर्ट जारी हो सके।
-भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर
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इसके उपरांत जिला स्तर पर गठित जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट गौना करौर से टीम विद्यार्थियों का कक्षानुसार टेस्ट लेगी। टेस्ट का आयोजन विशेष निपुण भारत मिशन के तहत संचालित अभियानों के आधार पर होगा। अभियान के तहत पढ़ाए गए विषयों के अनुसार ही गणित, अंग्रेजी और हिंदी विषयों के प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, टेस्ट लेने के बाद रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी।
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परिणाम के आधार पर ही स्कूलों में आगामी समय में नए अभियान, कार्यक्रम और सहपाठी गतिविधियों का आयोजन होगा। सरकारी स्कूलों में निपुण भारत मिशन व अन्य गतिविधियों के आकलन के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत सर्वे का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य हो सके।
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वर्तमान में जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन, ऑफलाइन व गतिविधियों से पढ़ाया जा रहा है। स्कूल स्तर पर गतिविधियों के लिए जारी बजट के परिणामों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए सर्वे किया जा रहा है, ताकि भविष्य की मांग को देखते हुए कार्य किया जा सके।
निपुण भारत मिशन
भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक पहल है, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक हर बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। यह मिशन बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने, खेल और मातृभाषा-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों का कौशल बढ़ाने और छात्रों की प्रगति पर नजर रखने पर केंद्रित है।
कोट
जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर जांच जाएगा। डाइट गौना करौर की टीम रैंडम आधार पर स्कूलों में टेस्ट लेगी, ताकि स्कूल स्तर पर संचालित अभियानों की सही रिपोर्ट जारी हो सके।
-भवानी सिंह, मीडिया प्रभारी, डाइट गौना करौर