हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के प्रधानाचार्य के सेवानिवृत्त होने के 17 दिन बाद प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त कार्यभार प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के ही एक प्रोफेसर को सौंपा है।
प्रदेश सरकार ने शनिवार को ताजा अधिसूचना के तहत मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के फार्मोकोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रितु शितक को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। डॉ. रितु शितक तत्काल प्रभाव से प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्यभार देखेंगी। इससे पूर्व 17 दिनों से यह मेडिकल कॉलेज बिना प्रधानाचार्य के ही चल रहा था। डॉक्टर अनिल चौहान 30 सितंबर को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यह संभवत: प्रदेश का पहला मामला होगा, जब सरकार ने किसी कॉलेज में 17 दिन तक प्रधानाचार्य का पद खाली रखा और इस पद का अतिरिक्त कार्यभार किसी भी अन्य मेडिकल अफसर को नहीं सौंपा गया। बताया जा रहा है कि डॉ. चौहान प्रदेश सरकार से प्रधानाचार्य के पद पर सेवा विस्तार चाह रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि प्रदेश स्वास्थ्य विभाग उन्हें 30 सितंबर को सेवानिवृत्त कर देगा। क्योंकि सरकार ने संशोधित आदेशों के तहत मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की सेवानिवृत्ति की आयु 68 वर्ष निर्धारित की है। जबकि डॉक्टर अनिल चौहान 65 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त कर दिए गए हैं। सेवाविस्तार की उम्मीद पाले डॉक्टर अनिल चौहान ने सेवानिवृत्ति के 10 दिन के बाद भी सरकारी वाहन मेडिकल कॉलेज को वापस नहीं किया था। सरकारी वाहन को अपने निजी आवास में रखने और एसबीआई बैंक से मेडिकल कॉलेज का खाता हिमाचल ग्रामीण बैंक में शिफ्ट करने के मामले में काफी विवाद हो चुका है। उधर, डॉ राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के अतिरिक्त निदेशक संजीव कुमार का कहना है कि प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के फार्मोकोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रितु शितक को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।