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Hamirpur (Himachal) News: राजनीतिक विज्ञापनों पर भारत निर्वाचन आयोग की नजर
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बल्क मैसेज, पेड न्यूज पर भी रखी जाएगी पूरी नजर : अमरजीत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमरजीत सिंह ने कहा है कि लोकसभा आम चुनाव-2024 और विधानसभा उपचुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के चुनावी व्यय पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के विभिन्न खर्चों के अलावा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया में प्रकाशित या प्रसारित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों, बल्क मैसेज तथा पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों की निगरानी की जा रही है।
उन्होंने ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है और समिति के कंट्रोल रूम में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया में प्रकाशित, प्रसारित या वायरल होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों एवं बल्क मैसेज तथा पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में ऑडियो-विजुअल राजनीतिक विज्ञापन एवं संदेश प्रसारित करने के लिए एमसीएमसी की पूर्व अनुमति एवं सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले या मतदान के दिन प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए भी एमसीएमसी से अनुमति लेनी होगी।जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे राजनीतिक विज्ञापनों और बल्क मैसेज इत्यादि के लिए निर्धारित नियमों की अक्षरश: अनुपालना करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमरजीत सिंह ने कहा है कि लोकसभा आम चुनाव-2024 और विधानसभा उपचुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के चुनावी व्यय पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के विभिन्न खर्चों के अलावा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया में प्रकाशित या प्रसारित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों, बल्क मैसेज तथा पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों की निगरानी की जा रही है।
उन्होंने ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है और समिति के कंट्रोल रूम में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया में प्रकाशित, प्रसारित या वायरल होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों एवं बल्क मैसेज तथा पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में ऑडियो-विजुअल राजनीतिक विज्ञापन एवं संदेश प्रसारित करने के लिए एमसीएमसी की पूर्व अनुमति एवं सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले या मतदान के दिन प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए भी एमसीएमसी से अनुमति लेनी होगी।जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे राजनीतिक विज्ञापनों और बल्क मैसेज इत्यादि के लिए निर्धारित नियमों की अक्षरश: अनुपालना करें।
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