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स्टोन क्रशर बंद होने से जिले में रुके विकास कार्य
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बिझड़ी (हमीरपुर)। स्टोन क्रशरों के बंद होने से सूबे समेत जिले में विकास कार्यों में रुकावट पैदा हो गई है। केंद्र सरकार के दिशा निर्देशानुसार प्रदेश में मानसून सीजन के चलते अगले दो माह तक क्रशरों और खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद क्रशरों पर ताले लटक गए हैं। जिससे सरकारी और निजी निर्माण कार्यों पर भी ग्रहण लग गया है।
सरकार ने मानसून सीजन के अगले दो माह तक क्रशरों को बंद कर दिया है और क्रशरों के पास बची सामग्री को विभाग की वेरिफिकेशन के बाद बेचने की अनुमति दी है। लेकिन, सरकार के इस फैसले से मजदूरी पर निर्भर रहने वाले आम जनमानस को भी परेशानी हो रही है। दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के साथ साथ घर चलाना मुश्किल हो गया है। कोरोना काल में वैसे ही प्रदेश भर में विकास कार्यों पर रोक लगी हुई थी। मिस्त्री, मजदूर, ट्रैक्टर मालिकों से लेकर ठेकेदारी के कार्य के साथ जुड़े लोगों के रोजगार पर कैंची चली है।
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है और लोग बरसात के मौसम में ही अपने घरों में निर्माण कार्यों को करते हैं। बरसात में लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाता है। प्रदेश में अधिकांश जनता ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और यहां रहने वाले 60 फीसदी से ज्यादा लोग दिहाड़ी मजदूरी व निजी क्षेत्रों में काम करते हैं, लेकिन सरकार के इस फरमान के बाद यह लोग बेरोजगारी की दहलीज पर पहुंच गए हैं। जिला खनन अधिकारी हमीरपुर हरविंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने मानसून सीजन में क्रशरों व खनन पर प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान किसी के पास पहले से शेष सामग्री बची है तो उसको भी विभाग की वेरिफिकेशन के बाद ही बेचा जा सकेगा।
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सरकार ने मानसून सीजन के अगले दो माह तक क्रशरों को बंद कर दिया है और क्रशरों के पास बची सामग्री को विभाग की वेरिफिकेशन के बाद बेचने की अनुमति दी है। लेकिन, सरकार के इस फैसले से मजदूरी पर निर्भर रहने वाले आम जनमानस को भी परेशानी हो रही है। दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के साथ साथ घर चलाना मुश्किल हो गया है। कोरोना काल में वैसे ही प्रदेश भर में विकास कार्यों पर रोक लगी हुई थी। मिस्त्री, मजदूर, ट्रैक्टर मालिकों से लेकर ठेकेदारी के कार्य के साथ जुड़े लोगों के रोजगार पर कैंची चली है।
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प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है और लोग बरसात के मौसम में ही अपने घरों में निर्माण कार्यों को करते हैं। बरसात में लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाता है। प्रदेश में अधिकांश जनता ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और यहां रहने वाले 60 फीसदी से ज्यादा लोग दिहाड़ी मजदूरी व निजी क्षेत्रों में काम करते हैं, लेकिन सरकार के इस फरमान के बाद यह लोग बेरोजगारी की दहलीज पर पहुंच गए हैं। जिला खनन अधिकारी हमीरपुर हरविंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने मानसून सीजन में क्रशरों व खनन पर प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान किसी के पास पहले से शेष सामग्री बची है तो उसको भी विभाग की वेरिफिकेशन के बाद ही बेचा जा सकेगा।
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