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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में एक और स्क्रब टायफस का मरीज मिला
Thu, 11 Sep 2025 01:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:50 AM IST
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हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बुधवार को स्क्रब टायफस का मामला आया है। मरीज की स्क्रब टायफस की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसका उपचार मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।
इससे पहले मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के चार मामले आए थे। बुधवार को एक मामला आने के बाद मामलों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हालांकि चार मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। स्क्रब टायफस के बढ़ते मामलों पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी सतर्क हो गया है।
बरसात के दिनों में स्क्रब टायफस का खतरा अधिक रहता है। स्क्रब टाइफस पिस्सू के काटने से फैलता है। इससे मरीज के सिर में तेज दर्द होना, बुखार, शरीर दर्द और लाल रंग के काटने के निशान होना शामिल है। काटने वाली जगह पर गहरे रंग की पपड़ी एवं घाव हो जाता है। समय पर उपचार लेने पर व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। वहीं, लापरवाही बरतने पर रोगी को निमोनिया भी हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के एमएस डॉ. देसराज शर्मा ने बताया कि बुधवार को एक मरीज की स्क्रब टायफस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले मेडिकल कॉलेज में चार स्क्रब टायफस के मामले आए थे। ये सभी स्वस्थ्य हैं।
इस तरह करें बचाव
इस रोग से बचने के लिए सभी लोगों को शरीर पर पूरे कपड़े पहनने चाहिएं। घास आदि लाने से पूर्व शरीर को पूरी तरह कपड़ों से ढक लेना चाहिए। बच्चों को गीली घास पर खेलने से बचाना चाहिए। घर के आसपास की झाड़ियों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए।
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इससे पहले मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के चार मामले आए थे। बुधवार को एक मामला आने के बाद मामलों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हालांकि चार मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। स्क्रब टायफस के बढ़ते मामलों पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी सतर्क हो गया है।
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बरसात के दिनों में स्क्रब टायफस का खतरा अधिक रहता है। स्क्रब टाइफस पिस्सू के काटने से फैलता है। इससे मरीज के सिर में तेज दर्द होना, बुखार, शरीर दर्द और लाल रंग के काटने के निशान होना शामिल है। काटने वाली जगह पर गहरे रंग की पपड़ी एवं घाव हो जाता है। समय पर उपचार लेने पर व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। वहीं, लापरवाही बरतने पर रोगी को निमोनिया भी हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के एमएस डॉ. देसराज शर्मा ने बताया कि बुधवार को एक मरीज की स्क्रब टायफस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले मेडिकल कॉलेज में चार स्क्रब टायफस के मामले आए थे। ये सभी स्वस्थ्य हैं।
इस तरह करें बचाव
इस रोग से बचने के लिए सभी लोगों को शरीर पर पूरे कपड़े पहनने चाहिएं। घास आदि लाने से पूर्व शरीर को पूरी तरह कपड़ों से ढक लेना चाहिए। बच्चों को गीली घास पर खेलने से बचाना चाहिए। घर के आसपास की झाड़ियों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए।