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Hamirpur (Himachal) News: पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए शुरू होगा टीकाकरण कार्यक्रम
Sun, 21 Sep 2025 05:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 21 Sep 2025 05:21 AM IST
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पशुपालन विभाग के पास जल्द पहुंचेगी 63 हजार टीकों की खेप
घर-घर जाएंगी विभागीय टीमें, सभी पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। गाय-भैंस को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से मुक्त करने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग के पास जल्द ही 63 हजार टीकों की खेप पहुंच जाएगी। कार्यक्रम के तहत गोशालाओं और पालतु पशुओं को टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पशुपालन विभाग की ओर से हर साल दो बार छोटे और बड़े पशुओं का टीकाकरण किया जाता है। अभियान के तहत एक भी पशु न छूटे और सुरक्षा चक्कर न टूटे, की तर्ज पर टीकाकरण किया जाता है। फिलहाल गाय-भैंस को टीके लगाए जाने हैं। इसके बाद छोटे पशुओं भेड़-बकरियों का भी टीकाकरण प्रस्तावित है।
खुरपका-मुहंपका एक संक्रामक रोग है, जो विषाणु से फैलता है। यह बीमारी गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर आदि को प्रभावित करती है। अगर गाय-भैंस एफएमडी बीमारी से पीड़ित होती है तो दूध उत्पादन कम हो जाता है। यह स्थिति चार से छह महीनों तक बनी रह सकती है। इस बीमारी में पशुओं को तो परेशानी होती ही है, इसके साथ-साथ पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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कोट
-खुरपका-मुंहपका रोग से पशुओं को मुक्त करने के लिए हर साल टीकाकरण किया जाता है। करीब 63 हजार गाय-भैंस को टीके लगाए जाएंगे। पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी।-सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर
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घर-घर जाएंगी विभागीय टीमें, सभी पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। गाय-भैंस को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से मुक्त करने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग के पास जल्द ही 63 हजार टीकों की खेप पहुंच जाएगी। कार्यक्रम के तहत गोशालाओं और पालतु पशुओं को टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पशुपालन विभाग की ओर से हर साल दो बार छोटे और बड़े पशुओं का टीकाकरण किया जाता है। अभियान के तहत एक भी पशु न छूटे और सुरक्षा चक्कर न टूटे, की तर्ज पर टीकाकरण किया जाता है। फिलहाल गाय-भैंस को टीके लगाए जाने हैं। इसके बाद छोटे पशुओं भेड़-बकरियों का भी टीकाकरण प्रस्तावित है।
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खुरपका-मुहंपका एक संक्रामक रोग है, जो विषाणु से फैलता है। यह बीमारी गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर आदि को प्रभावित करती है। अगर गाय-भैंस एफएमडी बीमारी से पीड़ित होती है तो दूध उत्पादन कम हो जाता है। यह स्थिति चार से छह महीनों तक बनी रह सकती है। इस बीमारी में पशुओं को तो परेशानी होती ही है, इसके साथ-साथ पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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कोट
-खुरपका-मुंहपका रोग से पशुओं को मुक्त करने के लिए हर साल टीकाकरण किया जाता है। करीब 63 हजार गाय-भैंस को टीके लगाए जाएंगे। पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी।-सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर