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रैली में भेजी 40 बसें, हमीरपुर में यात्री परेशान
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एचआरटीसी की बसें चंबा पीएम की रैली में जाने के कारण हमीरपुर बस अड्डे पर बसों का इंतजार करते यात्र?
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चंबा में आयोजित रैली के लिए हमीरपुर एचआरटीसी डिपो की 40 बसें वीरवार को चंबा रवाना होने से जिले में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को ग्रामीण रूटों पर सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निगम की बसों में प्रदेश सरकार की ओर से बस किराये में 50 फीसदी की छूट दी जाती है।
लेकिन वीरवार को अधिकतर बस रूट रद्द होने से महिलाओं को निजी बसों में सफर करना पड़ा, जिसमें महिलाओं को पूरा किराया देना पड़ा। वहीं, जिन रूटों पर निजी बसें नहीं चलीं, वहां लोगों को टैक्सियों में मुंह मांगा किराया देकर सफर करना पड़ा। लोगों ने रैलियों में सरकारी और निजी बसों को भेजने का विरोध करते हुए सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की है। उधर, एचआरटीसी हमीरपुर के डीडीएम विवेक लखनपाल ने बताया कि चंबा रैली के लिए हमीरपुर डिपो से 40 बसें बुक की गई थीं।
क्या कहते हैं लोग
-हमीरपुर बस स्टैंड पर ख्याह कंगरी के लिए एक घंटे से बस का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिली। सरकार को लोगों की समस्याएं समझनी चाहिए, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं देता। -अर्पित कुमार, यात्री
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-काफी देर तक बस स्टैंड पर खड़े होकर झनियारा के लिए बस का इंतजार करना पड़ा। सरकारी बस न होने से निजी बस में सफर करना पड़ा, जिसमें महिलाओं को 50 फीसदी की छूट नहीं मिली। -प्यारो देवी, यात्री
-हमीरपुर में किसी जरूरी काम से आया था, लेकिन वापसी में एचआरटीसी की बस नहीं मिली। सरकार को चुनावी रैलियों में निगम और निजी बसें नहीं भेजनी चाहिए। -मदन कुमार, यात्री
-आजकल डिजिटल क्रांति का जमाना है। लोग घर बैठे वीडियो कॉल इत्यादि से जुड़ सकते हैं तो चुनावी रैलियां भी मोबाइल और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देख सकते हैं। रैलियों में बसें नहीं भेजनी चाहिए। -अरुण कुमार, गलोड़ निवासी
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लेकिन वीरवार को अधिकतर बस रूट रद्द होने से महिलाओं को निजी बसों में सफर करना पड़ा, जिसमें महिलाओं को पूरा किराया देना पड़ा। वहीं, जिन रूटों पर निजी बसें नहीं चलीं, वहां लोगों को टैक्सियों में मुंह मांगा किराया देकर सफर करना पड़ा। लोगों ने रैलियों में सरकारी और निजी बसों को भेजने का विरोध करते हुए सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की है। उधर, एचआरटीसी हमीरपुर के डीडीएम विवेक लखनपाल ने बताया कि चंबा रैली के लिए हमीरपुर डिपो से 40 बसें बुक की गई थीं।
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क्या कहते हैं लोग
-हमीरपुर बस स्टैंड पर ख्याह कंगरी के लिए एक घंटे से बस का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिली। सरकार को लोगों की समस्याएं समझनी चाहिए, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं देता। -अर्पित कुमार, यात्री
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-काफी देर तक बस स्टैंड पर खड़े होकर झनियारा के लिए बस का इंतजार करना पड़ा। सरकारी बस न होने से निजी बस में सफर करना पड़ा, जिसमें महिलाओं को 50 फीसदी की छूट नहीं मिली। -प्यारो देवी, यात्री
-हमीरपुर में किसी जरूरी काम से आया था, लेकिन वापसी में एचआरटीसी की बस नहीं मिली। सरकार को चुनावी रैलियों में निगम और निजी बसें नहीं भेजनी चाहिए। -मदन कुमार, यात्री
-आजकल डिजिटल क्रांति का जमाना है। लोग घर बैठे वीडियो कॉल इत्यादि से जुड़ सकते हैं तो चुनावी रैलियां भी मोबाइल और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देख सकते हैं। रैलियों में बसें नहीं भेजनी चाहिए। -अरुण कुमार, गलोड़ निवासी