भारत-पाक मैच के विरोध में सड़क पर गोरखा समुदाय
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धर्मशाला में 19 मार्च को भारत-पाक मैच के विरोध में गोरखा समुदाय भी सड़क पर उतर गया। शुक्रवार सुबह धर्मशाला के गोरखा समुदाय के सदस्यों ने पुलिस थाना से लेकर डीसी दफ्तर तक काले झंडे लेकर विरोध रैली निकाली। इसमें हाल ही में श्रीनगर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए चीलगाड़ी के शहीद अंकित प्रधान के माता-पिता भी शामिल हुए।
पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर गोरखा समुदाय के सदस्यों ने केंद्र और प्रदेश सरकार सहित बीसीसीआई तथा आईसीसी से मांग की कि धर्मशाला में होने वाले भारत-पाक मैच को रद्द किया जाए। कहा कि कांगड़ा जिले के हर दूसरे घर में सैनिक परिवार है। पाकिस्तान के आतंकियों ने हाल ही में हिमाचल सहित भारत के कई कोनों से देश के सपूतों को शहीद किया है।
शहीद अंकित प्रधान के माता-पिता ज्योति प्रधान और सत्य प्रकाश प्रधान ने कहा कि पाकिस्तान की वजह से उन्होंने अपना बेटा खोया है। अभी जख्म हरे हैं, ऐसे में वे पाकिस्तान टीम का धर्मशाला में स्वागत नहीं कर सकते। कहा कि हर हाल में धर्मशाला में होने वाला भारत-पाकिस्तान मैच रद्द होना चाहिए।
परिजनों ने कहा कि अगर मैच हुआ तो वे 19 मार्च को मैच के दिन भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। वहीं, गोरखा समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे अरुण बिष्ट ने कहा कि विरोध रैली भारत-पाक के मैच के विरोध में है। अगर भारत पाक मैच रद्द नहीं हुआ तो गोरखा समुदाय के लोग क्रिकेट स्टेडियम की पिच को उखाड़ देंगे। स्टेडियम के बाहर मैच वाले दिन गैंती और बेल्चा आदि लेकर आएंगे।
शहीद संजीवन के परिवार ने अरुण को खाली हाथ लौटाया
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सलाह के बाद एचपीसीए से शुक्रवार को बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर के छोटे भाई और एचपीसीए पदाधिकारी अरुण धूमल पठानकोट हमले में शहीद हुए शाहपुर स्थित संजीवन राणा के घर उनके परिवार को मनाने पहुंचे। उनके साथ एचपीसीए के जीएम कर्नल मन्हास भी थे।
अरुण शहीद के पुत्र शुभम राणा और पत्नी पिंकी देवी से मिले, लेकिन शहीद के परिवार ने उन्हें खाली हाथ लौटा दिया। कहा कि धर्मशाला में भारत-पाक मैच नहीं होना चाहिए। शुभम राणा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि शुक्रवार को अरुण धूमल उनके घर आए थे। अरुण ने उनके पिता की शहादत पर शोक जताया। साथ ही 19 मार्च को धर्मशाला में होने वाले भारत-पाक मैच पर राय ली।
उन्होंने अरुण धूमल को दो टूक कहा कि उनका परिवार धर्मशाला में भारत-पाक मैच नहीं चाहता है। शुभम ने बताया कि उनके परिवार का क्रिकेट से कोई विरोध नहीं है। वर्ल्ड टूर्नामेंट के सभी मैच यहां हों, लेकिन भारत पाकिस्तान का न हो। कहा कि जब धर्मशाला में पाक के साथ मैच होगा तो पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगेंगे, वे इन्हें बर्दाश्त नहीं कर सकते।
मैच पर बात नहीं की, शोक मनाने गए थे: अरुण
अमर उजाला से विशेष बातचीत में अरुण धूमल ने बताया कि वह शहीद संजीवन राणा के घर शोक मनाने गए थे। शहीद के परिवार से भारत-पाक मैच पर कोई बातचीत नहीं हुई है। कहा कि शहीद की शहादत पर हिमाचल और पूरे देश को फख्र है। उनका परिवार शहीदों के साथ चट्टान की तरह साथ खड़ा है।
कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि एचपीसीए शहीदों की भावनाओं से खेल रही है। एचपीसीए शहीदों का सम्मान करती है। भारत-पाक मैच का वेन्यू आईसीसी ने काफी अरसा पहले घोषित कर दिया था। बीच में पठानकोट आतंकी हमले का प्रकरण हुआ।
एचपीसीए ने शहीद के परिवार के साथ मैच पर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर बातचीत की। कहा कि मैच करवाना या न करवाना प्रदेश और केंद्र सरकार पर निर्भर करता है। अनुराग ठाकुर और प्रो. प्रेम कुमार धूमल हमेशा सैनिकों और शहीदों के साथ खड़े रहे हैं।