Himachal News: देवभूमि संघर्ष समिति को एक घंटे का समय दें, हटा देंगे अवैध कब्जा- नीरज भारद्वाज
संजौली मस्जिद कमेटी के पास अवैध निर्माण को गिराने के लिए पैसा नहीं है तो वह देवभूमि संघर्ष समिति को मौका दें। ये कहना है देवभूमि संघर्ष समिति के जिला संयोजक नीरज भारद्वाज का।
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देवभूमि संघर्ष समिति के जिला संयोजक नीरज भारद्वाज ने कहा कि अगर संजौली मस्जिद कमेटी के पास अवैध निर्माण को गिराने के लिए पैसा नहीं है तो वह देवभूमि संघर्ष समिति को मौका दें। समिति एक घंटे में इस गिरा देगी। समिति को पता चला है कि मस्जिद कमेटी के पास पैसा नहीं है तो वह बिना मजदूरी के इसे गिराने को तैयार हैं। इसके लिए पूरे प्रदेश से समिति के कार सेवक बुलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीन मंजिलें जो गिराई जा रही हैं उस पर आयुक्त कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है। मुख्य केस अभी भी पेंडिंग है। जो अवैध मंजिलें गिराने के आदेश दिए हैं, उसमें वक्फ बोर्ड वाले खुद गए थे कि हम इसे गिरा देंगे।
मई 2010 में इस अवैध निर्माण का काम शुरू हुआ था। उसी माह निगम के जेई ने इसका काम रोकने के लिए नोटिस दिया था। 2012 में इस ग्राउंड फ्लोर व पहली मंजिल बनकर तैयार हो गई। मामले में 2012 में उस व्यक्ति पर केस चला दिया गया, जो न तो मस्जिद कमेटी का सदस्य है और न ही वक्फ बोर्ड का। 2012 में ही मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष ने वक्फ बोर्ड से मस्जिद बनाने के लिए अनुमति मांगी, जिसमें बोर्ड ने साफ लिखा कि यह मस्जिद बोर्ड की जमीन पर ही बनाई जाए। यह मस्जिद हिमाचल सरकार की जमीन पर बना दी। उन्होंने कहा कि कोट में केस चलने के बाद इसमें 27 नोटिस भेजे गए। 2018 में दोबारा जेई ने निगम को बिजली पानी काटने की रिपोर्ट भेजी, मगर वह नहीं काटा गया। फिर आयुक्त ने नोटिस देकर पूछा कि आपका बिजली पानी क्यों न काटा जाए, मगर आज तक इसमें कुछ नहीं हुआ।
नीरज भारद्वाज ने सोलन शहर के चिल्ड्रन पार्क में बनी मजार को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इस जगह की मालिक बघाट रिसायत थी, जबकि कब्जा ऐहले इस्लाम का था। कहा कि 1995 में इस जगह के बदले उन्हें शिल्ली में 13 बीघा जमीन दे दी गई है, जबकि उन्होंने आज भी यहां पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसकी तरफ ध्यान दें वरना शिमला के बाद सोलन की तरफ देवभूमि संघर्ष समिति के लोग अपना रुख करेंगे और मजार को हटाने के लिए भी कार्य किया जाएगा।