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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Do not test-no interview, got the job in 18 million

न परीक्षा-न साक्षात्कार, 18 लाख में नौकरी पक्की

Tue, 01 Oct 2013 12:20 AM IST
अमर उजाला, शिमला
अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 01 Oct 2013 12:20 AM IST
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Do not test-no interview, got the job in 18 million

स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में परीक्षा से लेकर साक्षात्कार और नौकरी दिलाने के लिए दलाल 18 लाख रुपये में ‘डील’ फाइनल कर रहे हैं।

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यह खुलासा रविवार को निगम विहार और पोर्टमोर स्कूल में परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े गए 34 अभ्यर्थियों ने पुलिस पूछताछ में किया है।

सभी नकलचियों को सोमवार को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से इन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इसकी पुष्टि डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने की है।  

पुलिस के मुताबिक, लिखित परीक्षा पास करवाने का सौदा पचास हजार से लेकर दो लाख तक निर्धारित है। सभी नकलचियों के अलग-अलग दलाल हैं।

इनमें से कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले भी कुछ दलाल मिले जो इन्हें परीक्षा पास करवाने का दावा कर रहे थे। सभी नकलची हरियाणा के रहने वाले हैं।
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सवाल उठ रहा है कि हरियाणा में परीक्षा केंद्र होने के बावजूद शिमला के परीक्षा केंद्रों को ही क्यों चुना गया?

इसके पीछे दलील दी जा रही है कि यहां इतनी ज्यादा चेकिंग नहीं होती है। जिस समय ये सभी आरोपी परीक्षा भवन के भीतर पकड़े गए उस समय इनकी आंसर शीट बिल्कुल खाली थी। इन्हें दलालों की कॉल का इंतजार था।
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सभी आरोपियों को दलालों ने समझा कर भेज रखा था कि कब और कैसे क्या करना है। परीक्षा का आधा समय बीत जाने के बाद सिलसिला शुरू होना था। इससे पहले अपने मकसद में कामयाब हो पाते पुलिस ने इन्हें धर लिया।

दलाल इस बात से बेखबर थे कि उनके शिकार पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। परीक्षा का आधा समय बीतने का बाद दलाल कोड वर्ड में सवाल के जवाब बताने शुरू हो गए।

अगर सवाल के जवाब में परीक्षार्थी को कुछ शक होता है तो वह दो बार खांसता है। यह दलाल के लिए एक संकेत है, वह दोबारा उस प्रश्न का उत्तर कोड वर्ड में बताता है।
   
दलाल ऐसे करते हैं काम  
दलाल अपने किसी खासमखास को परीक्षा केंद्र में भेज देते हैं, परीक्षा का आधा समय बीत जाने के बाद वह बाहर आता है और प्रश्नों को दलाल तक पहुंचाया जाता है।

इसके बाद दलाल उनके उतर खोज कर परीक्षार्थियों को मोबाइल, ब्लू टूथ इत्यादि के जरिये पहुंचा देते हैं। रविवार को पकड़े गए आरोपियों ने अधोवस्त्रों में ये चीजें छिपा कर रखी हुई थीं।


आईबी की सूचना पर दबिश
इंटेलिजेंस ब्यूरो को सूचना मिली थी कि परीक्षा में एक ऐसा अभ्यर्थी बैठा है जो दलाल की मदद से पेपर हल कर रहा है। आईबी ने लोकल पुलिस की मदद लेकर परीक्षा केंद्र में दबिश दी। जिस अभ्यर्थी पर आईबी को शक था उससे तो कुछ नहीं मिला।

संदेह के आधार पर जब पोर्टमोर और निगम विहार के परीक्षा केंद्रों की तलाशी ली गई तो 34 नकलची पकड़े, इनमें से 6 युवतियां भी थी।

विभिन्न पदों के लिए थी भर्तियां
इनमें तहसीलदार, इनकम टैक्स आफिसर, सब इंसपेक्टर, एक्साइज इंस्पेक्टर इत्यादि पदों के लिए भर्तियां थी।

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