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'रामदेव को फंसाना चाहती है कांग्रेस'
अमर उजाला ब्यूरो/शिमला
Updated Sat, 01 Mar 2014 01:26 PM IST
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आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हिमाचल का बच्चा बच्चा जानता है कि कांग्रेस सरकार बाबा रामदेव को फंसाना चाहती है। यह बात उन्होंने यहां कंडाघाट थाना में पूछताछ के बाद थाने बाहर आते हुए अमर उजाला से बातचीत के दौरान कही।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल का प्रवास अच्छा लगता है। इससे अच्छा यह होता कि यहां योगपीठ बनाकर लोगों की सेवा कर पाते। आयुर्वेद को नया नाम दे पाते। कांग्रेस सरकार के कारण हमें थाने में आना पड़ रहा है। दोष हमारे ऊपर नहीं है। यह एक बड़ा षड्यंत्र है।
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देश में चल रही आयुर्वेद की गतिविधियां और बाबा रामदेव द्वारा छेड़ी गई भ्रष्टाचार की जंग को रोकने की। इससे हमारी ताकत कम नहीं होगी, बढ़ेगी।
जांच में इस तरह आए दोनों के नाम
वर्ष 2008 में आचार्य बालकृष्ण के ओवदन पर सरकार ने मौजा चौहाड़ा तहसील कंडाघाट में सरकार से प्रोजेक्ट लगवाने के लिए सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी ली थी। वहीं, वर्ष 2009 में ललित मोहन के आवेदन पर मौजा कहलोग की जमीन को सरकार से मंजूर करवाने को प्रस्ताव भेजा और इसे
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भाजपा कार्यकाल में मिली थी लीज
भाजपा सरकार के कार्यकाल में पतंजलि योगपीठ को साधुपुल में 96.2 बीघा जमीन 17 लाख एकमुश्त और एक रुपये प्रतिवर्ष की राशि पर 99 साल की लीज पर दी थी। कांग्रेस ने इसका पुरजोर विरोध किया। सत्ता में आने पर कांग्रेस ने इस लीज को रद्द किया और फरवरी माह में सरकार ने जमीन पर कब्जा कर लिया।
यह हुआ खुलासा
पुलिस की जांच में पाया गया है कि पतंजलि योगपीठ द्वारा मौजा चौहाड़ा तहसील कंडाघाट में सरकार से प्रोजेक्ट लगाने की मंजूरी ली, लेकिन राजस्व और पतंजलि योगपीठ के अधिकारियों ने साठगांठ करके मौजा कहलोग की जमीन को सरकार से मंजूर करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा और मंजूरी ले ली।
23 फरवरी को साधुपुल में सरकारी भूमि को पतंजलि योग ट्रस्ट को धोखाधड़ी से लीज पर जमीन देने की शिकायत हुई।