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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CM Sukhu said SCERT DIET will bring about educational change through research and innovations

CM Sukhu: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- शोध और नवाचारों के माध्यम से शैक्षिक परिवर्तन करेंगे एससीईआरटी, डाइट

Sat, 21 Sep 2024 05:57 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 21 Sep 2024 05:57 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए एससीईआरटी) और सभी जिला डाइट को सशक्त करने का निर्णय लिया है।

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CM Sukhu said SCERT DIET will bring about educational change through research and innovations
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है ताकि सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों को सुविधाएं सुनिश्चित हों। शनिवार को जारी प्रेस बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) को सशक्त करने का निर्णय लिया है। एससीईआरटी को स्कूल और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए शीर्ष संस्थान के रूप में स्तरोन्न्त किया गया है। इसका प्रशासनिक नियंत्रण राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान को हस्तांतरित किया गया है। इसके अलावा डाइट संस्थानों की प्रशासनिक देखरेख भी सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक को सौंपी गई है। पूर्व में एससीईआरटी उच्च शिक्षा विभाग के तहत था और डाइट संस्थानों का प्रबंधन प्रारंभिक शिक्षा द्वारा किया जाता था, जिसके कारण इन प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की तैनाती और स्थानांतरण नीति में स्पष्टता नहीं थी।

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सुक्खू ने कहा कि एससीईआरटी का पुनर्गठन शिक्षण संकायों को प्रशिक्षण प्रदान करने में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम करेगा, जिससे शोध और नवाचारों के माध्यम से शैक्षिक परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने डाइट संस्थानों का स्तरोन्नयन किया है, जो सेवा-पूर्व और सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षा में नामांकन, प्रतिधारण और लैंगिक समानता जैसे विभिन्न मुद्दों पर राज्य और जिला स्तर पर शैक्षिक अनुसंधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के नवाचार प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन्हें नियमित रूप से जिला स्तरीय संगोष्ठियों और न्यूज लेटर के माध्यम से साझा भी किया जाएगा। विश्व की सर्वोत्तम शिक्षण तकनीकों और नवाचार को अपनाने के लिए सरकार ने शिक्षकों को एक्सपोजर विजिट पर भी भेज रही है।

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'लाहौल-स्पीति, किन्नौर के डाइट सेवाकालीन प्रशिक्षण पर देंगे ध्यान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में डाइट केवल सेवाकालीन प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जबकि अन्य डाइट संस्थानों को बुनियादी ढांचे के आधार पर श्रेणी ए और बी में वर्गीकृत किया जाएगा, जहां नियमित प्रशिक्षण के अलावा चयनित ब्रिज कोर्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक डाइट का प्रशासनिक प्रमुख उप-निदेशक (उच्च शिक्षा-निरीक्षण) होगा, जिसे उप-निदेशक, गुणवत्ता नियंत्रण कहा जाएगा, जबकि प्रधानाचार्य दैनिक कार्यों को संभालेंगे, जिनकी नियुक्ति योग्यता और उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी।

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