Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- सत्र के बीच शिक्षकों को सेवानिवृत्त नहीं करने पर सरकार कर रही विचार
शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में 312 कला शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने का भी एलान किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्त न करने पर विचार कर रही है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए सरकार शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्त न करने पर विचार कर रही है। शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग में इस नई व्यवस्था को शुरू करने के लिए मंथन जारी है। वहीं, शिक्षकों की पदोन्नतियां भी साल में दो बार करने की तैयारी है। शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में 312 कला शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने का भी एलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नई पेंशन योजना को दोबारा लाने का दबाव बना रही है, लेकिन राज्य सरकार अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी। विपक्ष पर जॉब ट्रेनी पॉलिसी को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षुओं को दो साल के सेवा कार्यकाल के बाद नियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप वर्तमान में हिमाचल पांचवें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए अनेक स्कूल खोले, जबकि वर्तमान सरकार सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही मेडिकल, नॉन मेडिकल और कला संकायों में 5,100 टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) पदों पर नियुक्ति प्रदान कर चुकी है। विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में स्कूलों का युक्तिकरण किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही भर्तियां शुरू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों में अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना अस्पताल में एम्स स्तर की सुविधाओं का सृजन किया जाएगा। इसके उपरांत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को चरणबद्ध तरीके से स्तरोन्नत किया जाएगा। राज्य में श्रेष्ठ चिकित्सक सेवाएं प्रदान करें, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए रोबोटिक सर्जनों को एक करोड़ रुपये तक का पैकेज दिया जाएगा।