{"_id":"6a6a38904853edc09101fa6d","slug":"traders-dug-up-the-chaugan-to-protect-their-shops-from-the-rain-chamba-news-c-88-1-ssml1006-191473-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: बारिश से दुकानें बचाने के लिए व्यापारियों ने खोद दिया चौगान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: बारिश से दुकानें बचाने के लिए व्यापारियों ने खोद दिया चौगान
Wed, 29 Jul 2026 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 29 Jul 2026 10:59 PM IST
विज्ञापन
चार नंबर चौगान में सरेआम चले कुदाल, नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
शहर वासियों ने चौगान को पहुंचाए जा रहे नुकसान पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चौगान नंबर चार में व्यापारियों ने हरे-भरे मैदान को कुदाल चलाकर खोद दिया।
ऐसा करने से पहले प्रशासन से कोई अनुमति भी नहीं ली जबकि प्रशासन की तरफ से ठेकेदार को सख्त निर्देश हैं कि चौगान में किसी प्रकार की खोदाई न करें। इससे चौगान को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। जैसे ही व्यापारियों को मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के बारे में पता चला तो उन्होंने कृषि में इस्तेमाल होने वाले हथियारों से चौगान में खोदाई का कार्य शुरू कर दिया। दुकान के चारों तरफ खोदाई कर नाली बना दी ताकि बारिश का पानी उनकी दुकान के भीतर न घुस सके। हैरानी इस बात की है कि सरेआम चौगान की खोदाई की जा रही है लेकिन प्रशासन के अधिकारी उसे रोकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
शहर वासियों में संजय शर्मा, जय सिंह, राहुल, मनोज कुमार, केवल, गुरमीत और महिंद्र सिंह ने बताया कि मिंजर के लिए हर साल सभी चौगान व्यापारिक गतिविधि के लिए नीलाम किए जाते हैं लेकिन व्यापारी चौगान को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे, इसकी जांच नहीं की जाती। यही वजह है कि मेले के दौरान चौगान नंबर चार को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जल्द चौगान का मुआयना करने के लिए टीम भेजी जाएगी।
--
विज्ञापन
शहर वासियों ने चौगान को पहुंचाए जा रहे नुकसान पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चौगान नंबर चार में व्यापारियों ने हरे-भरे मैदान को कुदाल चलाकर खोद दिया।
ऐसा करने से पहले प्रशासन से कोई अनुमति भी नहीं ली जबकि प्रशासन की तरफ से ठेकेदार को सख्त निर्देश हैं कि चौगान में किसी प्रकार की खोदाई न करें। इससे चौगान को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। जैसे ही व्यापारियों को मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के बारे में पता चला तो उन्होंने कृषि में इस्तेमाल होने वाले हथियारों से चौगान में खोदाई का कार्य शुरू कर दिया। दुकान के चारों तरफ खोदाई कर नाली बना दी ताकि बारिश का पानी उनकी दुकान के भीतर न घुस सके। हैरानी इस बात की है कि सरेआम चौगान की खोदाई की जा रही है लेकिन प्रशासन के अधिकारी उसे रोकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
शहर वासियों में संजय शर्मा, जय सिंह, राहुल, मनोज कुमार, केवल, गुरमीत और महिंद्र सिंह ने बताया कि मिंजर के लिए हर साल सभी चौगान व्यापारिक गतिविधि के लिए नीलाम किए जाते हैं लेकिन व्यापारी चौगान को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे, इसकी जांच नहीं की जाती। यही वजह है कि मेले के दौरान चौगान नंबर चार को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जल्द चौगान का मुआयना करने के लिए टीम भेजी जाएगी।
विज्ञापन