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Chamba News: जिले के इकलौते पॉली क्लीनिक में कोई सर्जन नहीं
Wed, 01 May 2024 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 01 May 2024 10:57 PM IST
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चंबा। जिला चंबा में पशुपालन विभाग के इकलौते पॉली क्लीनिक में कोई सर्जन तैनात नहीं है। ऐसे में पशुपालक जब भी सर्जरी के लिए मवेशियों लेकर आते हैं तो दूसरे पशु चिकित्सालयों से सर्जन को बुलाना पड़ता है।
तब जाकर पशुओं की सर्जरी की जाती है। पिछले दो सालों से यह पद रिक्त पड़ा है। जिसे भरने के लिए प्रदेश सरकार और विभाग ने उचित कदम नहीं उठा पाई है। इसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। जिले में इकलौता पॉली क्लीनिक है, जहां पशुओं की सर्जरी की जाती है। जब सर्जन ही नहीं होगा तो मवेशियों की सर्जरी कैसे हो पाएगी। इतना ही नहीं, सप्ताह में तीन से चार पशुओं की सर्जरी की जाती है। लिहाजा, आपातकालीन समय में दूसरे पशु चिकित्सालयों से विशेष तौर पर सर्जन को बुलाया जाता है।
गौर रहे कि जिले में लगभग 25 पशु चिकित्सालय हैं। 176 पशु औषधालय हैं। हैरत की बात है कि शहर के बीचोबीच स्थित पशुपालन विभाग चंबा के पॉली क्लीनिक में एक सर्जन का पद स्वीकृत होने के बावजूद दो वर्षो से ये पद रिक्त है। पशुओं की सर्जरी करने के लिए आपातकाल में ही सर्जन को बुलाया जाता है। इससे पशुपालकों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. मुकुल का कहना है कि पॉली क्लीनिक में एक सर्जन का पद स्वीकृत होता है। यह खाली चल रहा है। इस बारे में उच्चाधिकारी को अवगत किया जा चुका है। संवाद
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तब जाकर पशुओं की सर्जरी की जाती है। पिछले दो सालों से यह पद रिक्त पड़ा है। जिसे भरने के लिए प्रदेश सरकार और विभाग ने उचित कदम नहीं उठा पाई है। इसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। जिले में इकलौता पॉली क्लीनिक है, जहां पशुओं की सर्जरी की जाती है। जब सर्जन ही नहीं होगा तो मवेशियों की सर्जरी कैसे हो पाएगी। इतना ही नहीं, सप्ताह में तीन से चार पशुओं की सर्जरी की जाती है। लिहाजा, आपातकालीन समय में दूसरे पशु चिकित्सालयों से विशेष तौर पर सर्जन को बुलाया जाता है।
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गौर रहे कि जिले में लगभग 25 पशु चिकित्सालय हैं। 176 पशु औषधालय हैं। हैरत की बात है कि शहर के बीचोबीच स्थित पशुपालन विभाग चंबा के पॉली क्लीनिक में एक सर्जन का पद स्वीकृत होने के बावजूद दो वर्षो से ये पद रिक्त है। पशुओं की सर्जरी करने के लिए आपातकाल में ही सर्जन को बुलाया जाता है। इससे पशुपालकों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. मुकुल का कहना है कि पॉली क्लीनिक में एक सर्जन का पद स्वीकृत होता है। यह खाली चल रहा है। इस बारे में उच्चाधिकारी को अवगत किया जा चुका है। संवाद
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